जीओसी मेजर जनरल ए. सेनगुप्ता
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दक्षिणी कश्मीर में सेना की कमान संभालने वाले सेना कमांडर मेजर जनरल ए सेनगुप्ता ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान आतंकियों को सरेंडर करने का मौका दिया जाता है। शापिया में मुठभेड़ शुरू होने से पहले आतंकियों को भी सरेंडर करने की अपील की गई थी लेकिन वे नहीं माने।
जानकारी अनुसार मुठभेड़ में एक स्थानीय आतंकी कामरान जहूर मन्हास के मारे जाने की बात सामने आ रही है, जो 2 मार्च 2019 को हिज्ब में शामिल हुआ था। वह पीडीपी के पूर्व एमएलसी का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है। पता चला है कि उसे भी कई बार मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सेना प्रयास कर चुकी है।
इस संबंधी पूछे जाने पर ए सेनगुप्ता ने कहा, हम लगभग हर आतंकी के घर जाकर उनके अभिभावकों से अपील करते हैं कि वह अपने बच्चों को समझाकर एक सामान्य जीवन व्यतीत करने के लिए मनाएं। यह हमारा एक एसओपी है।
सेना के एक सीओ रैंक के अधिकारी के कामरान के घर जाकर उनके अभिभावकों से की गई अपील के संदर्भ में पूछे गए सवाल के जवाब में सेना कमांडर ने कहा कि हम कितने आतंकियों के घर जा चुके हैं इसके बारे में हम आंकड़ा नहीं बता सकते, लेकिन यह सुनिश्चित करते हैं जो भी दक्षिणी कश्मीर के युवा चाहे वो नए हैं या पुराने भर्ती हैं, हम लगातार उनके परिवार वालों के संपर्क में हैं और उनसे अपील करते हैं कि वह मुख्यधारा में शामिल हो जाएं।
इस बीच कामरान के बारे में टिप्पणी करते हुए आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि हमारी पॉलिसी है कि हम आतंकियों की शिनाख्त सार्वजनिक नहीं करते हैं इसलिए अभी इसको लेकर कुछ कहना सही नहीं होगा।