बडगाम में पिछले हफ्ते पुलिस की गोली से मारे गए एक युवक की मौत की घटना की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू कर दी गई। इस घटना के बाद कश्मीर के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे। जिसके बाद सभी अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार करना पड़ा था।
राज्य सरकार ने बडगाम के अतिरिक्त जिलाधिकारी जिन्हें उन कारणों और स्थितियों का पता लगाने के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनकी वजह से शनिवार को सुहैल अहमद सोफी की मौत हुई थी. वह आज से गवाहों के बयान दर्ज करना शुरू करेंगे।
उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी घटना के संबंध में 27 अप्रैल तक सभी कार्य दिवसों में कार्यालय घंटों के दौरान गवाहों के बयान दर्ज करेंगे। बीती 18 अप्रैल को बडगाम जिले के नरबल में पुलिस की गोलीबारी में सुहैल अहमद नाम का एक युवक मारा गया था।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस कर्मियों ने सोफी और दो अन्य को हिरासत में लेने के बाद गोली मारी थी। घटना में सोफी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक घायल हो गए।
पुलिस ने इस बाबत एक सहायक उपनिरीक्षक सहित दो पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया था और देखरेख में कमी के लिए संबंद्ध एसएचओ को अटैच कर दिया गया था।