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LG Kavinder Gupta Resign: लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने दिया इस्तीफा, सियासी हलचल तेज

Thu, 05 Mar 2026 08:17 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह

सार

उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता के इस्तीफे के कारणों पर अभी भी पर्दा पड़ा हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। राजनीतिक हलकों में व्यक्तिगत कारणों से लेकर प्रशासनिक मतभेदों तक की अटकलें लगाई जा रही हैं।
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उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता - फोटो : PTI
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विस्तार
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केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अचानक त्यागपत्र से प्रदेश की राजनीति में बड़ी हलचल मच गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही देर पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी इस्तीफा दिया था।

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कविंदर गुप्ता के इस्तीफे की खबर ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस फैसले के पीछे के कारणों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उपराज्यपाल के पद छोड़ने का वास्तविक कारण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषक इस इस्तीफे को एक महत्वपूर्ण घटना मान रहे हैं। उनका मानना है कि इसका असर लद्दाख के प्रशासनिक और राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ सकता है। दो प्रमुख राज्यों के राज्यपालों का लगभग एक साथ इस्तीफा देना केंद्र सरकार के लिए भी विचारणीय विषय बन गया है। इस घटना ने देश की संवैधानिक नियुक्तियों पर भी ध्यान आकर्षित किया है। यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस स्थिति से कैसे निपटती है।

इस्तीफे के बाद की स्थिति
कविंदर गुप्ता के इस्तीफे के बाद लद्दाख में नए उपराज्यपाल की नियुक्ति को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इस पद पर कौन नियुक्त होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए जल्द ही नए उपराज्यपाल की घोषणा की जा सकती है। राजनीतिक दल इस घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। वे सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
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कारणों पर अनिश्चितता
उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता के इस्तीफे के कारणों पर अभी भी पर्दा पड़ा हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। राजनीतिक हलकों में व्यक्तिगत कारणों से लेकर प्रशासनिक मतभेदों तक की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, जब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी। यह अनिश्चितता प्रदेश की राजनीति में एक चर्चा का विषय बनी हुई है।

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