उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बावजूद घबराने की जरूरत नहीं है। इस स्थिति का सामना करने के लिए सरकार ने पर्याप्त इंतजाम कर लिए हैं। जम्मू-कश्मीर में निजामुद्दीन से लौटे तब्लीगी जमात के दो हजार से ज्यादा लोगों के आने से समस्या बढ़ी है लेकिन सभी की पहचान और उनके संपर्क पता कर लिए गए हैं। अब सिर्फ इन लोगों को क्वारंटीन पर रखने और टेस्टिंग की जा रही है जिससे संक्रमितों का ग्राफ अचानक बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।
मुर्मू ने एक निजी चैनल में दिए इंटरव्यू में कहा कि प्रदेश में कोरोना से चार मौतें हुई हैं। सभी मामले आखिरी वक्त पर प्रशासन के ध्यान में लाए गए। इस समय प्रदेश में सक्रिय मामलों में से एक भी मरीज वेंटिलेटर पर नहीं है। जबकि 200 वेंटिलेटर बेड मौजूद हैं। 300 और वेंटिलेटर मंगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही 80 हजार रैपिड टेस्टिंग किट उपलब्ध हो जाएंगी। सेना और अन्य सुरक्षा बलों की मदद लेने के लिए योजना तैयार है लेकिन अभी ऐसे हालात नहीं बने हैं।
एलजी ने कहा कि क्वारंटीन सुविधाएं बढ़ाने को रोड मैप तैयार कर लिया गया है। अस्पतालों में दो-दो हजार बेड की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में क्वारंटीन के लिए 25 हजार बेड की व्यवस्था कर ली गई है। 40 हजार लोग सर्विलांस पर हैं। 550 अस्पतालों में, 23 हजार घरों में क्वारंटीन हैं। 7500 लोग घरों को लौट चुके हैं।
बच्चों की परीक्षाओं से ज्यादा जान बचना जरूरी
एलजी ने कहा कि कोरोना वायरस की चुनौती में सबसे पहले जान बचाना जरूरी है। केंद्र की गाइडलाइन के तहत यूनिट अथवा अन्य परीक्षाओं में बच्चों को पास किया जाएगा। बच्चों को शिक्षा सामग्री हर हाल में उपलब्ध कराई जाएगी। लॉकडाउन खत्म होने पर हॉस्टल को खोलने के लिए भी रोडमैप तैयार हो चुका है।
सभी अस्पतालों में बनेगी टनल
कश्मीर के दस और जम्मू संभाग के पांच कोविड अस्पतालों समेत सभी अस्पतालों में संक्रमण रोधी टनल स्थापित होंगी। अस्पताल में आने वालों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षा दी जाएगी। घाटी में 24 और जम्मू में 10 जोन चिह्नित किए गए हैं जहां विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्वास्थ्य विईएभाग में छह आईएएस अफसर तैनात किए गए हैं। प्रत्येक जिले के लिए एक-एक आईएएस अफसर को तैनात किया गया है। गांव-गांव में कमेटी का गठन किया गया है।
कोई नहीं रहेगा भूखा
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में 3.50 लाख पंजीकृत श्रमिक हैं। इनमें से 1.25 लाख प्रदेश में अब भी मौजूद हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में बेसहारा लोगों की पहचान की गई है जिन्हें राशन पहुंचाया जा रहा है। किसी को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा।