उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से श्रीनगर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सभी संस्थानों से उभरते कौशल विकास के लिए कदम उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा जम्मू-कश्मीर प्रशासन प्रदेश में उद्योगों और व्यवसायों के विकास के लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है। साथ ही आने वाले दिनों में विनिर्माण, बिजली क्षेत्र, खाद्य प्रसंस्करण और आईटी सक्षम सेवाओं में जिन रिक्त पदों की आवश्यकता है, उन्हें पूरा किया जाएगा। कहा कि बेरोजगारी को खत्म करने के लिए सभी संस्थाओं, कंपनियों और सरकार को मिलकर काम करना होगा।
छात्रों को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि छात्रों को यह समझना होगा कि अकेले प्रौद्योगिकी का आविष्कार पर्याप्त नहीं है। इंजीनियरिंग, डिजाइन और प्रबंधन को एक साथ काम करना होगा ताकि हम समाज, राष्ट्र और विश्व की आकांक्षाएं पूरी कर सकें। इसके लिए सहयोगी प्रयासों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्र के रूप में मेरा मानना है कि तकनीकी शिक्षा समाज के विकास की दीक्षा है, जिसके माध्यम से युवा देश के विकास के इंजन बन सकते हैं। उपराज्यपाल ने छात्रों को मानव व्यवहार, लोगों के दृष्टिकोण को समझने और बड़े पैमाने पर समाज की सेवा करने के लिए आवश्यक बदलाव लाने की सलाह दी। कहा कि आप में से कुछ लोग उच्च अध्ययन करना चाहते हैं और कुछ स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, इसलिए मेरा सुझाव है कि जो भी काम और करियर चुनें, वह सामाजिक और राष्ट्रीय समृद्धि में सहायक होना चाहिए।
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