उपमंडल के दूरदराज कटली-मल्हार सड़क पर इन दिनों यात्री वाहन चालक बखौफ ओवरलोडिंग कर रहे हैं। इससे इस दुर्गम पहाड़ी सड़क पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि इस सड़क पर सरकार की ओर से परिवहन की अनुमति भी नहीं है। इसके बावजूद परिचालन के साथ ओवरलोडिंग की जा रही है।
क्षेत्र के अंग्रेज सिंह ने बताया कि मिनी बसें और अन्य वाहनों में धड़ल्ले से ओवरलोडिंग की जा रही है। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। सलीम अहमद ने बताया कि एक वर्ष पूर्व इसी सड़क पर एक टाटा सूमो 300 मीटर गहरी खाई में गिरी थी, जिसमें सवार नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
मक्खन कुमार ने बताया कि कटली से मल्हार सड़क की लंबाई करीब 25 किलोमीटर है। परिवहन विभाग की ओर से इस सड़क पर यात्री वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद वाहनों की छत पर सवारियां बैठाकर धड़ल्ले से ओवरलोडिंग की जा रही है। इन पर कार्रवाई भी नहीं की जा रही है। गुलशन कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग की मिलीभगत से वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं।
परवेज अहमद ने बताया कि ज्यादातर यात्री वाहन बिना दस्तावेजों के चल रहे हैं। कई मिनी बसों पर तो नंबरप्लेट तक नहीं है। नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विभाग भी शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द कटली-मल्हार सड़क पर होने वाली ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाए जाए। जो वाहन बिना दस्तावेज के इस सड़क पर दौड़ते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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दो गुना अधिक यात्रियों को बैठाकर दौड़ा रहे वाहन
शहर के रामकोट तहसील की सड़कों पर यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग जारी है। धार सड़क सहित कई अन्य लिंक मार्गों पर वाहनों में ओवरलोडिंग करते देखा जा सकता है। दूरदराज क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों पर यात्री वाहनों में ज्यादा ओवरलोडिंग की जा रही है। दो गुना अधिक यात्री बैठाकर वाहनों को दौड़ाया जा रहा है। इससे नियमों की अनदेखी तो की ही जा रही है, हादसे की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा जाए