15 कोर की कमान लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे के हाथ
- फोटो : भारतीय सेना
सफल आतंकवाद विरोधी अभियानों के पूरक के लिए लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने बेहतर सैनिक-नागरिक संपर्क सुनिश्चित किया। इस प्रयास में कश्मीर घाटी में कई सफल आयोजन शामिल थे। जिसमें विभिन्न खेलों, संस्कृति, कला, शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य पहल में आवाम का साथ शामिल रहा। सेना ने अपनी तैनाती ग्रिड का प्रभावी रूप से उपयोग किया। लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने गुमराह युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के भी अवसर दिए। जोकि जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के लिए महत्वपूर्ण है। सेना ने युवाओं के साथ जुड़ने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। आतंकियों के आत्मसमर्पण के मामले में सफलता और समाज के सभी वर्गों से समर्थन मिला।
15 कोर की कमान लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे के हाथ
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उड़ी ब्रिगेड कमांडर, विक्टर फोर्स के जीओसी और अब जीओसी चिनार कोर के रूप में कार्य करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने उच्च मानकों को मजबूत और संस्थागत बनाया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू को कश्मीर को स्थायी शांति के मार्ग पर लाने के लिए यूवाईएसएम से सम्मानित भी किया जा चुका है। अपने विदाई संदेश में जनरल राजू ने चिनार कोर के सभी रैंकों की उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए प्रशंसा की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सिविल प्रशासन और आवाम को भी जम्मू-कश्मीर में शांति और समृद्धि की दिशा में उनके अथक समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।