कसबे में रसोई गैस के लिए मची हाहाकार के बाद गैस एजेंसी खोलने की मांग उठी। उपभोक्ताओं ने प्रशासन के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि तहसील मुख्यालय में अभी तक यह सविधा नहीं है।
जिस कारण लोगों को गैस सिलेंडरों की गाड़ी आने का इंतजार करना पड़ता है और गाड़ी किस दिन किस तारीख को आएगी यह भी तय नहीं है।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि कस्बे में जल्द गैस एजेंसी न खोली गई और गैस किल्लत को दूर न किया गया तो वह सड़कों पर उतर आएगा।
भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस बुलाई गई
चिनैनी में रसोई गैस की किल्लत इतनी बढ़ गई है कि शनिवार को कसबे में तीन सौ रसोई गैस सिलेंडरों को लेकर पहुंची गाड़ी से भी गैस की किल्लत को दूर नहीं किया जा सका। इससे गैस के लिए हाहाकार मच गया।
शनिवार की सुबह जैसे ही उपभोक्ताओं को गैस आने की सूचना मिली, सभी सात बजे से ही काउंटर के बाहर लाइनें में लगने लगे। सात घंटे तक इंतजार के बाद जैसे ही तीन सौ सिलेंडर खत्म हुई कि बाकी बचे उपभोक्ता बिना गैस सिलेंडर लिए ही लौट गए।
गैस लेने के दौरान कुछ लोगों की आपस में बहस भी हुई। भीड़ को काबू करने में पुलिस की भी मदद लेनी पड़ी।
निराश होकर लौटे उपभोक्ता
कसबे में सिलेंडरों की गाड़ी तो आई, लेकिन कई उपभोक्ता निराश होकर घर वापस लौट गए। घंटों इंतजार के बाद बाद खाली हाथ जाने से लोगों में रोष बढ़ गया।
उपभोक्ता पुरुषोत्तम दत्त, कृष्ण लाल, पूर्ण चंद, विकास आदि ने सात बजे से लाइन में खड़े थे, लेकिन दोपहर करीब दो बजे जब उनकी बारी गैस लेने की आई तो गैस सिलेंडर ही खत्म हो गई।
करीब छह से सात घंटे गैस लेने का इंतजार करने के बावजूद भी उन्हें निराश होकर घर वापस लौटना पड़ा। मगर इसके बावजूद भी उन्हें निराशा हाथ लगी। अब गैस फिर कब आएगी इसकी कोई तारीख तय नहीं है।