सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर और विवादित ढांचे को लेकर सुनवाई टलने के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी जारी है। वहीं बीजेपी के कई नेताओं ने इस मुद्दे पर बिल पेश करने की बात कही है। इसी क्रम में गुरुवार सुबह जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भगावान राम या अल्लाह 2019 में वोट देने नहीं आएंगे, वोट देने जनता ही आएगी।
वहीं इसी मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने भी बयानबाजी शुरू कर दी है। इस पर यूपी के मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि इस दीवाली वह अयोध्या के लिए खुशखबर लेकर जाएंगे। नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें (बीजेपी) लगता है कि भगवान राम उन्हें 2019 का चुनाव जिताने आयेंगे। भगवान उन्हें चुनाव जीतने में मदद नहीं करेंगे। उन्हें वोट राम या अल्लाह नहीं बल्कि जनता देगी।
इस बीच कांग्रेस विधायक रोशन बेग ने बयान दिया है कि मुस्लिम राम मंदिर के निर्माण के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर का निर्माण भारत में नहीं होगा तो क्या पाकिस्तान में होगा? उन्होंने कहा कि राम मंदिर सिर्फ भारत में ही बनना चाहिए। मामला अभी अदालत में है। उन्होंने मोदी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वो इस पर अध्यादेश लाने की तैयारी कर रहे हैं। साढ़े चार साल में उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया?
जैसे-जैसे 2019 का चुनावी समर नजदीक आ रहा है राम मंदिर का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। इसे लेकर सियासी बयान भी दिये जा रहे हैं और केंद्र पर भी निशाना साधा जा रहा है। साधु-संत राम मंदिर को लेकर केंद्र सरकार से अपनी नाराजगी व्यक्त कर ही चुके हैं। अब जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतेंद्रानंद महाराज ने कहा है कि भाजपा सरकार को मंदिर का निर्माण करके अपना वायदा पूरा करना चाहिए।
स्वामी यतेंद्रानंद ने कहा कि अगर प्रयाग अर्द्धकुंभ से पहले सरकार ने मंदिर निर्माण का अपना वादा पूरा नहीं किया तो हुकूमत को साधु-संतों का गुस्सा झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को निर्माण के रास्ते में आ रही बाधाओं को दूर करना चाहिए। स्वामी यतेंद्रानंद ने भी कहा कि मंदिर निर्माण के लिए सरकार को अध्यादेश लेकर आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अब इस मामले को लेकर सरकार को और अधिक समय नहीं दिया जा सकता।