चुनाव आयोग की ओर से कश्मीरी पंडितों के लिए लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए एम फार्म की बाध्यता समाप्त करने के बाद नए सिरे से मतदाता सूची तैयार की गई है। इसके लिए राहत एवं पुनर्वास विभाग ने कार्यालय में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बनाए गए 21 जोन के लिए अलग से सूची तैयार की है। इनके लिए जम्मू में 21 व उधमपुर में एक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
मतदाता सूची एआरओ माइग्रेंट जम्मू व उधमपुर के कार्यालय, जोन कार्यालयों, राहत एवं पुनर्वास आयुक्त कार्यालय में उपलब्ध है। यह सूची राहत एवं पुनर्वास विभाग की वेबसाइट पर भी है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल सभी निर्वाचकों के साथ-साथ जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, यदि उनके पास ड्राफ्ट सूचियों में किसी पात्र नाम के छूटने के संबंध में कोई दावा है तो वह एक सप्ताह में आपत्ति कर सकते हैं।
यदि वह डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान का विकल्प चुनना चाहते हैं या कश्मीर घाटी में मूल मतदान केंद्र पर मतदान चाहते हैं और जिन्होंने पहले ही अपना फॉर्म-एम जमा कर दिया है, वे एक विशेष मतदान केंद्र चुनना चाहते हैं तो अपना दावा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें एआरओ माइग्रेंट जम्मू और उधमपुर या जोनल नोडल अधिकारी व बीएलओ से संपर्क कर दावा व आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
चुनाव पर्यवेक्षकों ने विभिन्न नाकों का किया निरीक्षण
व्यय पर्यवेक्षक समता मुल्लामुदी और पुलिस पर्यवेक्षक डॉ. गजाराव भूपाल ने आम चुनाव में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए जम्मू के विभिन्न स्थानों पर निगरानी के लिए बनाए गए नाकों (स्टैटिक सर्विलांस टीम) का निरीक्षण किया। दोनों पर्यवेक्षकों ने रविवार को पवन आइसक्रीम, बख्शी नगर, अमफला, पंजतीर्थी , पीर खो, नरवाल और बेलिचराना नाका का औचक दौरा किया।मौके पर ही उन्होंने वहां तैनात सभी कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।