उधमपुर संसदीय क्षेत्र को पिछले दस साल में तीन मेडिकल कॉलेज मिले हैं। इसमें कठुआ, डोडा के बाद उधमपुर मेडिकल कॉलेज को खोला गया है। इस संसदीय क्षेत्र में दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। चिनाब पर बिजली उत्पादन के लक्ष्य को बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा संसदीय क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर विद्युत उत्पादन परियोजनाओं पर काम किया चल रहा है।
डॉ. जितेंद्र दस सालों से पीएमओ में मंत्री
उधमपुर-डोडा संसदीय सीट से जीतने वाले उम्मीदवारों को केंद्र में बैठने का मौका मिला है। इससे इस संसदीय सीट पर विकास को गति मिली है। कई नई परियोजनाएं जारी हैं। दो बार इस सीट को जीत चुके (2014 और 2019) भाजपा सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह दस साल से पीएमओ में मंत्री हैं। इससे पूर्व, पूर्व सदर-ए-रियासत डॉ. कर्ण सिंह 1967 से 1980 तक कांग्रेस की टिकट पर तीन बार जीतकर केंद्र में मंत्री रहे हैं। भाजपा सांसद चमन लाल गुप्ता भी तीन बार जीते और केंद्र में मंत्री रहे।
सात लाख से अधिक मतदाता
उधमपुर संसदीय सीट पर 7 लाख से अधिक मतदाता हैं। 2019 के चुनाव में भाजपा से सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने 724311 वोट हासिल किए थे, जिसमें 8905 मत डाक मतपत्र से हासिल हुए थे। कांग्रेस के विक्रमादित्य को दूसरे नंबर पर 367059 मत मिले थे, जिसमें 936 डाक पतपत्र से मत आए थे।
भाजपा ने अभूतपूर्व विकास करवाया- डॉ. जितेंद्र सिंह
भाजपा के प्रत्याशी डॉ. जितेंद्र सिंह का दावा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस बार भी पार्टी उधमपुर संसदीय सीट पर अच्छा प्रदर्शन करेगी। भाजपा ने दस साल में सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास करवाया है। आज उधमपुर, डोडा और कठुआ निर्वाचन क्षेत्र को देश के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में गिना जा रहा है। इस संसदीय क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम हो रहा है।
कांग्रेस जनता के मुद्दों के साथ खड़ी- विकार रसूल
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी ने कहा कि पार्टी लोगों के ज्वलंत मुद्दों के साथ खड़ी है और अपना संघर्ष जारी रखे हुए है। इसमें जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करवाना, स्थानीय लोगों के लिए भूमि और नौकरियों के अधिकार सुरक्षित करना शामिल हैं। उधमपुर-डोडा सीट पर विकास की खामियों को उठाया जाएगा। इस क्षेत्र में लोग आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उधमपुर सीट से कब कौन जीता
- 1967 (उपचुनाव) -ंडॉ. कर्ण सिंह (कांग्रेस)
- 1967-जीएस ब्रिगेडियर (कांग्रेस)
- 1971 व 1980 -डॉ. कर्ण सिंह (कांग्रेस)
- 1984- गिरधारी लाल (कांग्रेस)
- 1988 (उपचुनाव)-मो. ए खान (कांग्रेस)
- 1989-धर्मपाल (कांग्रेस)
- 1996 व 1999-चमन लाल गुप्ता (भाजपा)
- 2004 व 2009 चौधरी लाल सिंह (कांग्रेस)
- 2014 व 2019 डॉ. जितेंद्र सिंह (भाजपा)