370 के निरस्त होने के बाद प्रदेश में बड़ी चुनावी लड़ाई
प्रदेश में उधमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 19 अप्रैल को मतदान का शुभारंभ हुआ था। अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में यह पहला बड़ा लोकसभा चुनाव है। 18 विधानसभा क्षेत्रों में फैले अनंतनाग जिले में सात और राजोरी में चार, कुलगाम और पुंछ में तीन-तीन और शोपियां में एक विधानसभा सीट है।
अनंतनाग-राजोरी में इन दिनों नेताओं की भीड़ है और सभी इस सीट को जीतने के लिए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला, उमर, महबूबा मुफ्ती, गुलाम नबी आजाद और अल्ताफ बुखारी सहित बड़े नेता यहां रोज रोड शो कर रहे हैं। महबूबा पिछले दो दिनों से राजोरी-पुंछ में डेरा जमाए हुए हैं। उनकी बेटी इल्तिजा भी काजीगुंड में उनके लिए प्रचार कर रही हैं।
2,338 मतदान केंद्र, 2,113 ग्रामीण और 225 शहरी
चुनाव कार्यलय के अनुसार अनंतनाग-राजोरी निर्वाचन क्षेत्र में 2,338 मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं। इनमें से 2,113 ग्रामीण और 225 शहरी क्षेत्रों में हैं। चुनाव प्रचार 23 मई की शाम को थम जाएगी। चुनाव वाले जिलों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि रिकॉर्डतोड़ मतदान का रुझान जारी रहेगा।
राजोरी-पुंछ में फिर से आतंकवादियों के सक्रिय होने से यहां सुरक्षा व्यवस्था मुख्य चुनौती रहेगी। 22 अप्रैल को राजोरी के शाहदरा इलाके में कुंडा टॉप पर आतंकी हमले में सरकारी कर्मचारी मोहम्मद रजाक की मौत हो गई थी जबकि 4 मई को पुंछ के सुरनकोट इलाके में सनाई टॉप की ओर जा रहे भारतीय वायुसेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया था जिसमें एक सैनिक बलिदान हो गया था व चार अन्य घायल हो गए थे।
राजोरी पुंछ के चप्पे चप्पे पर तैनात किए गए सुरक्षाकर्मी
अनंतनाग राजोरी सीट पर 25 मई को चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में कराने के लिहाज से सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। जिसका कारण पिछले दो वर्ष से इन दोनों जिलों में बड़ी आतंकी वारदातें हैं। सुरक्षाबलों से लेकर आम नागरिकों तक पर आतंकियों ने हमले किए हैं। दोनों जिलों में 20 से 25 आतंकी अब भी सक्रिय हैं, जो चुनाव में खलल डालने की फिराक में हैं। इसे देखते हुए दोनों जिलों के चप्पे चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती अभी से कर दी गई है।
बड़े स्तर पर इन दोनों जिलों के दूर दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। दोनों जिलों में करीब 1600 मतदान केंद्र अतिसंवेदशील बनाए गए हैं। जिन पर बड़े स्तर पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों जिलों में 25 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मतदान ड्यूटी के लिए लगाया गया है। ताकि लोग बिना किसी डर के मतदान करने निकलें।