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हॉट सीट बनी अनंतनाग: परिसीमन से पहली बार जुड़े हिंदू वोटर, जानें यहां कब कौन जीता, अभी क्या बन रहा खेल

Thu, 14 Mar 2024 03:21 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर

सार

अनंतनाग लोकसभा सीट हाई प्रोफाइल सीट रही है। कभी अनंतनाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र जम्मू और कश्मीर के पांच लोकसभा क्षेत्रों में से एक था। मई 2022 में इसका नाम बदलकर अनंतनाग-राजोरी निर्वाचन क्षेत्र कर दिया गया है। आइए जानते हैं इस बार यहां कैसी है स्थिति...
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अनंतनाग-राजोरी लोकसभा सीट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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परिसीमन के बाद पुरानी अनंतनाग सीट अब राजोरी-पुंछ क्षेत्र को मिलाकर अनंतनाग-राजोरी सीट बन चुकी है। पांचों सीटों में यह लोकसभा सीट सबसे हॉट मानी जा रही है। परिसीमन से पहले मुस्लिम बहुल इस सीट पर कांग्रेस हैट्रिक लगा चुकी है। नेकां व पीडीपी भी यहां से कई बार जीत का स्वाद चख चुकी है।

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नए परिसीमन में भाजपा को यहां खाता खुलने की उम्मीद है। क्योंकि इसमें हिंदू और पहाड़ी समुदाय की आबादी वाले राजोरी और पुंछ क्षेत्र जोड़े गए हैं। भाजपा ने पहाड़ियों को जनजातीय का दर्जा और आरक्षण देकर यहां पर अपना दांव खेला है। भाजपा अन्य के मुकाबले थोड़ा अधिक निश्चिंत दिख रही है क्योंकि पीडीपी और नेकां अलग-अलग राह पर हैं। दोनों पार्टियां अगर अपने-अपने उम्मीदवार यहां से उतारती हैं तो वोट बंटने से फायदा तीसरे को हो सकता है।

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कभी अनंतनाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र जम्मू और कश्मीर के पांच लोकसभा क्षेत्रों में से एक था। मई 2022 में इसका नाम बदलकर अनंतनाग-राजोरी निर्वाचन क्षेत्र कर दिया गया। अगर अनंतनाग सीट की बात करें तो यह हाई प्रोफाइल सीट रही है। यहां से महबूबा मुफ्ती 2014 में सांसद बनीं लेकिन 4 जुलाई 2016 को उनके इस्तीफे से यह सीट खाली हो गई। इस्तीफे के करीब तीन साल तक यहां उपचुनाव नहीं हो पाया।

इस सीट पर चरमपंथ का प्रभाव होने का तर्क देकर चुनाव आयोग ने चुनाव नहीं करवाए। अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद महबूबा ने अनंतनाग विधानसभा सीट से चुनाव जीता। बाद में 2019 में इस सीट पर चुनाव हुआ और नेशनल कांफ्रेंस के हसनैन मसूदी ने जीत हासिल की। उन्होंने 40180 वोट हासिल किए थे जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के गुलाम अहमद मीर ने 33504 वोट हासिल किए। पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती तीसरे नंबर पर रहीं। 2019 में इस सीट पर कुल 9 प्रतिशत ही मतदान हुआ था।

जनसांख्यिकी बदलाव के बाद वोट बंटने के आसार

चुनाव आयोग द्वारा की गई परिसीमन प्रक्रिया के बाद अनंतनाग सीट में राजोरी और पुंछ जुड़ने से जनसांख्यिकी बदलाव आया है। इसके चलते इस सीट पर धर्म के आधार पर वोट बंटने के आसार हैं। राजोरी-पुंछ की हिंदू बेल्ट शामिल होने के साथ ही यहां पहाड़ियों को मिले आरक्षण के बाद भाजपा को यहां लाभ की उम्मीद है। पूर्व नेकां एमएलसी शहनाज गनई समेत कई पहाड़ी नेता बीते दिनों भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा यहां पीएजीडी के बीच भी तकरार है। नेशनल कांफ्रेंस इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने के लिए अड़ी है। अगर पीडीपी भी उम्मीदवार उतारती है तो दोनों में वोट का बंटवारा होगा। भाजपा समेत किसी भी पार्टी ने यहां से उम्मीदर घोषित न कर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

परिसीमन के बाद आठ लाख से अधिक वोटर जुड़े

आंकड़ों पर नजर डालें तो परिसीमन के बाद बनी अनंतनाग-राजोरी सीट में कुल 18 विधानसभा हलके आए हैं। अनंतनाग में सात, कुलगाम में तीन, पुंछ में तीन, शोपियां के एक और राजोरी में चार विस हलके हैं। इसके साथ ही अनंतनाग में मतदाताओं की संख्या 666390, कुलगाम में 323813, पुंछ में 347630, शोपियां में 106864 जबकि राजोरी में 388874 है।
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अनंतनाग सीट पर कब कौन जीता
  • 1967, 71 और 77...मोहम्मद शफी (कांग्रेस)
  • 1980....गुलाम रसूल कोचक (नेकां)
  • 1984 ...बेगम अकबर जहां अब्दुल्ला (पीडीपी)
  • 1989 ...प्यारे लाल हांडू (कांग्रेस)
  • 1996 ...मोहम्मद मकबूल (जनता दल)
  • 1998 ...मुफ्ती मोहम्मद सईद (कांग्रेस)
  • 1999 ..अली मोहम्मद नायक (नेकां)
  • 2004 ...महबूबा मुफ्ती (पीडीपी)
  • 2009 ...मिर्जा महबूब बेग (नेकां)
  • 2014 ...महबूबा मुफ्ती (पीडीपी)
  • 2019 ...हसनैन मसूदी (नेकां)
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