अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर तीखा हमला बोला है। बुखारी ने कहा कि अतीत में दोनों पार्टियों ने 70 साल तक प्रदेश की सत्ता पर राज किया, तब क्यों नहीं भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 को स्थायी बनाया गया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया तो नेकां और पीडीपी ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि इन दोनों पार्टियों का एकमात्र मकसद अपने परिवारों के भीतर सत्ता बनाए रखना रहा है। अगर नेकां और पीडीपी ने पिछले सात दशकों में क्षेत्र की विशेष स्थिति को सुरक्षित करने की दिशा में काम किया होता तो उस पांच अगस्त 2019 की घटना को टाला जा सकता था।
उन्होंने नेकां पर बिजली परियोजनाओं को बेचने का आरोप लगाया, जिससे बिजली की दरें अत्यधिक बढ़ गईं। अपनी पार्टी के प्रमुख ने कहा कि उनका एजेंडा है कि हर महीने 500 यूनिट तक बिजली मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
बुखारी ने 370 के हटाए जाने के बाद नेकां सांसदों की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने नेकां और पीडीपी के शासन के दौरान युवा सशक्तिकरण और रोजगार सृजन में कमी पर भी दोनों पार्टियों को घेरा।
बुखारी ने कहा कि नेकां और पीडीपी ने कितने युवाओं को आज़ाद कराया? उन्हें ऐसे कितने प्रोजेक्ट लाए जो युवाओं के लिए रोजगार पैदा कर सकते थे? वे किस मुंह से लोगों से वोट मांग रहे हैं। जब महबूबा से पूछा गया कि उनके सांसदों ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया तो उन्होंने उन्हें गद्दार और भाजपा का प्रतिनिधि करार दिया, लेकिन अब उनके पिछले पाप कैसे मिट गए और वे फिर से पीडीपी के साथ हैं।
अपनी पार्टी के अध्यक्ष ने पीडीपी पर भी निशाना साधा और उन पर फल उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों की उपेक्षा करने और सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान किए गए अपराधों के लिए व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराने में विफल रहने का आरोप लगाया। कहा, कि उन्होंने हमारे युवाओं को जेल में डाल दिया, लोगों को मारा। उन्हें अब आसिया और नीलोफर की याद क्यों नहीं आ रही? जब महबूबा सरकार में थीं तो उन्होंने शोपियां बलात्कार और हत्या मामले की जांच क्यों नहीं की।
बुखारी ने लोगों की शिकायतों को दूर करने और पिछले अन्याय के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करने का वादा करते हुए कहा, 'जब हम सरकार बनाएंगे तो हम उन्हें जवाबदेह ठहराएंगे।'
बुखारी ने माता-पिता से अपने बच्चों को भटकने से बचाने के लिए उन पर सतर्क नजर रखने का आग्रह करते हुए व्यापक भलाई के लिए देश के प्रति वफादारी को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार को श्रेय देते हुए 2019 के बाद से हताहतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी का हवाला दिया। “सच्चाई यह है कि हम इस देश के नागरिक हैं और हमें अपनी भलाई के लिए हर कीमत पर इसके प्रति वफादार रहना होगा। अपने युवाओं को जेलों से आज़ाद कराना होगा. लेकिन मैं माता-पिता से अपील करता हूं कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें भटकने न दें। जब महबूबा मुख्यमंत्री थीं तब 31714 लोग घायल हुए थे और 200 लोग मारे गए थे. बुखारी ने कहा, हमें केंद्र सरकार को श्रेय देना होगा क्योंकि 2019 के बाद से कोई भी व्यक्ति घायल या मारा नहीं गया है।