लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बज गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के लिए चुनाव तारीखों का एलान कर दिया है। इसके साथ ही आचार संहिता लागू कर दी गई है। वहीं इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में पांच चरण में मतदान होगा। जम्मू-कश्मीर में सबसे पहले मतदान 11 अप्रैल को होगा। पांचवें चरण का अंतिम मतदान छह मई को होंगे।
लोक सभा चुनाव सात चरणों में होंगे। पहला चरण 11 अप्रैल को, दूसरा चरण 18 अप्रैल को, तीसरा चरण 23 अप्रैल को, चौथा चरण 29 अप्रैल को, पांचवा चरण 6 मई, छठा चरण 12 मई को व सातवां चरण 19 मई को होगा। 18 मार्च 2019 से लोक सभा चुनाव के लिए नामांकन भर सकते हैं। 25 मार्च नामांकन भरने की आखिरी तारीख है।
दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव की तारीखों का एलान किया। सामान्यतः आयोग रविवार को चुनाव तारीखों का एलान नहीं करता है, लेकिन इस बार ऐसा किया गया और रविवार का दिन खास तौर पर चुना गया। बता दें कि इससे पहले 2004 के लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान रविवार को ही हुआ था।
लोक सभा चुनाव 2019 में कुल 90 करोड़ लोग मतदान अधिकार का प्रयोग करेंगे। नौकरीपेशा वोटर 1.60 करोड़ हैं। 18 से 19 साल के करीब डेढ़ करोड़ वोटर हैं। चुनाव आयोग के हेल्पलाइन नंबर 1950 पर वोटर लिस्ट की जानकारी ले सकते हैं। त्योहारों और परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम तैयार किया गया है।
पहली बार 10 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए, पिछली बार 9 लाख स्टेशन थे। पहली बार वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल होगा। ईवीएम में उम्मीदवार की तस्वीर भी नजर आएगी। वोटरों के पास नोटा का विकल्प मौजूद रहेगा। वोटर स्लिप मतदान की तारीख से पांच दिन पहले मिल जाएगी। आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत मोबाइल एप से दी जा सकेगी, 100 मिनट में अधिकारी जवाब देंगे।
जम्मू-कश्मीर में अभी विधानसभा चुनाव नहीं- आयुक्त
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि लोकसभा चुनाव के साथ चार राज्यों आंध्र, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होंगे। जम्मू-कश्मीर में अभी विधानसभा चुनाव नहीं होंगे। वहां, 3 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। उनकी रिपोर्ट के बाद तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
पहला फेज : 11 अप्रैल को वोटिंग
20 राज्यों की 91 सीटें: आंध्र (25 सीटें), अरुणाचल-असम (5), बिहार (4), छत्तीसगढ़ (1) जम्मू-कश्मीर (2), महाराष्ट्र (7), मणिपुर (1), मेघालय (2), मिजोरम (1), नागालैंड (1), ओडिशा (4), सिक्किम (1), तेलंगाना (17), त्रिपुरा (1), उत्तरप्रदेश (8), उत्तराखंड (5), पश्चिम बंगाल (2), अंडमान निकोबार (1), लक्ष्यद्वीप (1)।
दूसरा फेज : 18 अप्रैल को वोटिंग
13 राज्यों की 97 सीटें: असम (5 सीटें), बिहार (5), छत्तीसगढ़ (3), जम्मू-कश्मीर (2), कर्नाटक (14), महाराष्ट्र (10), मणिपुर (1), ओडिशा (5), तमिलनाडु (39), त्रिपुरा (1), उत्तर प्रदेश (8), प. बंगाल (3), पुड्डुचेरी (1)।
तीसरा फेज : 23 अप्रैल को वोटिंग
14 राज्यों की 115 सीटें: असम (4 सीटें), बिहार (5), छत्तीसगढ़ (7), गुजरात (26), गोवा (2), जम्मू-कश्मीर (1), कर्नाटक (14), केरल (20), महाराष्ट्र (14), ओडिशा (6), उत्तर प्रदेश (10), प. बंगाल (5), दादरा-नागर हवेली (1), दमनदीव (1)।
चौथा फेज : 29 अप्रैल को वोटिंग
9 राज्यों की 71 सीटें: बिहार (5 सीटें), जम्मू-कश्मीर (1), झारखंड (3), मध्य प्रदेश (6), महाराष्ट्र (17), ओडिशा (6), राजस्थान (13), उत्तर प्रदेश (13), प. बंगाल (8)।
पांचवां फेज : 6 मई को वोटिंग
7 राज्यों की 51 सीटें: बिहार (5 सीटें), जम्मू-कश्मीर (2), झारखंड (4), मप्र (7), राजस्थान (12), उप्र (14), प. बंगाल (7)।
छठा फेज : 12 मई को वोटिंग
7 राज्यों की 59 सीटें: बिहार (8 सीटें), हरियाणा (10), झारखंड (4), मप्र (8), उप्र (14), प. बंगाल (8), दिल्ली (7)
सातवां फेज : 19 मई को वोटिंग
8 राज्यों की 59 सीटें: बिहार (8 सीटें), झारखंड (3), मप्र (8), पंजाब (13), प. बंगाल (9), चंडीगढ़ (1), उप्र (13), हिमाचल (4)