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जम्मू-कश्मीर में फारूक बोले, आतंकी अजहर मसूद को किसने छोड़ा था, सरकार जवाब दे

Fri, 08 Mar 2019 10:23 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • लोस-विस चुनाव एक साथ करवाएं: फारूक अब्दुल्ला
  • प्रतिबंध और जेलों में डालने के बजाये राजनीतिक स्तर पर हल निकाले सरकार
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फारुख अब्दुल्ला - फोटो : फाइल
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विस्तार
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नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आतंकी अजहर मसूद को 1999 में किसने छोड़ा और कौन उसे कंधार ले गया सरकार इसका जवाब दे। इंडियन एयरलाइन के हाईजैक होने के बावजूद हमने अपनी सरकार में रहते हुए अजहर को छोड़ने का विरोध किया था, लेकिन केंद्र में अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार ने उसे और उसके साथियों को छोड़ने का फैसला लिया था। अब जनता तय करे कि उसे छोड़ने वाला राष्ट्रवादी है या उसे छोड़ने का विरोध करने वाला देश विरोधी। उन्होंने रियासत में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाने पर जोर दिया है। 
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जम्मू और श्रीनगर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगाने के बजाये राजनीतिक स्तर पर बातचीत से मसलों का हल करने पर जोर दिया। नेकां अध्यक्ष ने कहा कि 35ए के साथ छेड़छाड़ और जमात के लोगों की गिरफ्तारियों को नहीं जोड़ना चाहिए। फिर तो हम भी उसके साथ हैं, फिर हमें भी गिरफ्तार करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के मामले की एक पैनल द्वारा मध्यस्थता के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के जवाब में डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि दोनों पक्ष सर्वोच्च न्यायालय के अधीन मध्यस्थता के लिए सहमत हो गए हैं। 

हम सभी सर्वोच्च न्यायालय का फैसला स्वीकार करेंगे। मैं सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ नहीं जाऊंगा। वहीं, प्रधानमंत्री कई संकल्प लेते हैं, उन्हें वूमेन राइट बिल को पास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से उम्मीद है कि वह महिलाओं के उत्थान और देश के कल्याण के लिए काम करेंगी। इस दौरान पूर्व आईपीएस अधिकारी शफकत वाताली सहित बसोहली से एडवोकेट व सामाजिक कार्यकर्ता नेकां में शामिल हुए। डॉ. फारूक और अन्य नेताओं ने उनका पार्टी में स्वागत किया।
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हम अमन और शांति चाहते हैं
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश के अल्पसंख्यकों को खतरा महसूस हो रहा है। यह देश सभी का है। सबको प्यार और सद्भाव से रहने की जरूरत है। हम लगातार त्रासदियों का सामना कर रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी स्थिति बनी हुई है जहां हमारे सिर पर युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। भारत-पाकिस्तान के बीच उत्पन्न हुए हालात पर उन्होंने कहा कि हम अमन और शांति चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि देश केवल एक पार्टी या किसी एक विशेष संप्रदाय के लोगों का नहीं है। यह देश हम सबका है।
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चुनाव के लिए कश्मीर को बनाया जा रहा बैटल फील्ड
नेकां अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ से जनरल रावत फौज को कहते हैं तैयार रहो और दूसरी तरफ इमरान खान कहते हैं अभी मामला हल नहीं हुआ, कुछ भी हो सकता है। फारूक अब्दुल्ला यह माहौल नहीं बना रहा। कश्मीर को चुनाव के लिए ‘बैटल फील्ड’ बनाया जा रहा है। वक्त आ गया है जब दोनों मुल्कों को बैठकर इसका पॉलिटिकल हल निकालना पड़ेगा।

सद्भाव बनाए रखने पर दिया जोर
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने एयर स्ट्राइक लोकप्रियता हासिल करने के लिए की है, तो नेकां इसका समर्थन नहीं करती है। एक अन्य पार्टी के कार्यक्रम में डा. फारूक ने लोगों से विभाजनकारी शक्तियों से सचेत रहकर सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया। समाज को तोड़ने वाली राजनीति बेहतर खतरनाक है। इससे लोगों के बीच नफरत बढ़ी है।

विस में देंगे महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर सत्ता में उनकी सरकार आती है तो विधानसभा में 33 फीसदी महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। देश में बदलाव लाने के लिए महिलाओं को आगे लाना जरूरी है। यह बात उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वूमेन क्लब ‘मेरी पहचान’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कही। फारूक ने कहा कि हमने पंचायतों में महिलाओं को 33 फीसदी हिस्सेदारी देने पर काम किया, लेकिन आज भी महिलाओं की हालत बेहतर नहीं है। इस दौरान फारूक ने पुलिस महिला अधिकारी और कलाकारों को सम्मानित किया। इस दौरान कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। समारोह में चेयरपर्सन संध्या गुप्ता, संजीव प्रभाकर, सोहेल काजमी व राज भारती आदि मौजूद रहे।
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