जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते कहा कि कौन कितना मजबूत है यह तो 23 मई को स्पष्ट हो जाएगा। हमने 1996 से अब तक अपने घोषणापत्र में यह बात रखी थी कि हम जम्मू-कश्मीर में दोबारा क्षेत्रीय स्वायत्तता बहाल करके रहेंगे। हम उन लोगों में से नहीं जो चुनाव के दौरान एक बात करते हैं और फौरन बाद कुछ और।
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में एक चुनावी जनसभा में उन्होंने कहा कि हम सबके सामने जो इम्तिहान आने वाले हैं, जिन साजिशों का हमें सामना करना होगा उन सबका इन चुनाव के दौरान हमें पता चल गया। आज बहुत सारी ऐसी ताकतें है जो जम्मू कश्मीर के नक्शे को बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
जम्मू कश्मीर की शिनाख्त, पहचान और विशेष दर्जा जो हमने विरासत में हासिल किया है कुछ लोग उसे नुकसान पहुंचाने के लिए निकले हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उमर ने कहा कि वह अपनी हर तकरीर में इस रियासत को धमकी देते हैं, और खुले आम नेशनल कांफ्रेंस और उसकी लीडरशिप का नाम लेते हुए कहते हैं कि वह हमें कामयाब नहीं होने देंगे। कहा कि मोदी साहब पहले 23 मई को आप कामयाब हो जाइए फिर देखते हैं कि आप हमारा क्या बिगाड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि अभी तो आपकी हालत कमजोर है।
आप तो यह कहकर निकले थे कि आप अकेले हर किसी का मुकाबला कर रहे हो लेकिन आपने अपने साथ इतने लोग जमा कर लिए हैं जिसका कोई अंदाजा ही नहीं। अब यह कमजोरी किसकी है मजबूती किसकी है वह 23 मई को पता चल जाएगा। लेकिन इतना तो जरूर पता चल गया है कि हमारी तकरीरों से वह (प्रधानमंत्री) बौखला गए हैं।
उमर ने कहा कि अगर उन्हें आज मेरी बात पर ऐतराज है तो यह ऐतराज पहले भी उन्हें करना चाहिए था। जब 2000 में मैं वाजपेयी जी की हुकूमत में वजीर था तब हमने दो तिहाई बहुमत के साथ क्षेत्रीय स्वायत्तता का प्रस्ताव विधानसभा और विधान परिषद में पास कर लोगों के सामने पेश किया, तब आपको हमारे साथ ऐतराज क्यों नहीं था और आज अचानक से क्यों ?
जिस खानदान को भगाने की बात की उसे ही गले लगाया
उमर ने कहा, मोदी साहब यह जो तकरीर आपने कल की जिसमें आपने कहा कि आप इस रियासत से दो खानदानों को निकालना चाहते हो, मुझे अच्छी तरह से याद है 2014 में आपने बिल्कुल यही तकरीर की थी। आपने जम्मू में लोगों से कहा था कि अगर भाजपा को आपने चुना तो आप जम्मू-कश्मीर से दो सियासी खानदानों को भगा देंगे। फिर जनवरी 2015 में आपने क्या किया ? जिस एक खानदान को आपने भगाने की बात की थी उसी खानदान को आपने गले लगाया। दो महीने भी नहीं लगे आपको अपने किए गए वादे भूलने के लिए।