अनंतनाग में बीजेपी के चुनाव प्रचार में नाचते दिखे समर्थक
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दक्षिण कश्मीर आतंकवादियों का गढ़ माना जाता है। यहां चुनाव कराना कितना कठिन है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चुनाव आयोग ने इस सीट पर तीन चरणों में मतदान कराने की घोषणा की है। अब वहां लोकतंत्र की ताजा बयार बहती दिख रही है। रविवार को अनंतनाग से भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार सोफी मोहम्मद यूसुफ जब प्रचार के लिए निकले तो समर्थक बीच सड़क पर जमकर नाचे। ऐसा नजारा पिछले कुछ सालों में पहली बार देखने में आया।
खन्नाबल स्थित यूसुफ के घर के बाहर समर्थकों का जोश पूरे सबाब पर था। उनके चेहरे पर न तो किसी तरह का भय दिख रहा था न ही कोई रंज। इसके अलावा सबसे खास बात यह थी कि समर्थकों में महिलाएं भी शामिल थीं जो खुशी से नाच भी रही थीं। इलाकाई लोग बताते हैं कि यह नजारा सिर्फ भाजपा प्रत्याशी के प्रचार का ही नहीं है, बल्कि कुछ अन्य दलों के प्रचार में भी ऐसा ही नजारा इन दिनों दिखाई दे रहा है।
इसके बावजूद उम्मीदवार सुरक्षा को लेकर कोई हीलाहवाली नहीं बरत रहे हैं। वह सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पिछली बार 2014 में इस अनंतनाग सीट से पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जीत कर आई थीं। राज्य में पीडीपी-बीजेपी की सरकार गठन के बाद महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद सुरक्षा कारण के चलते इस लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव नहीं हुए।
अनंतनाग से नेशनल कांफ्रेंस ने मोहम्मद अकबर लोन को अपना प्रत्याशी घोषित किया, वहीं भाजपा ने सोफी मोहम्मद यूसुफ को टिकट दिया है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती स्वयं इस सीट से मैदान में हैं, हालांकि अभी तक कांग्रेस ने अपना पत्ता नहीं खोला है।
हलांकि, लोकसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद आतंकियों ने कई जगहों पर राजनीतिक दलों को निशाना बनाया। नेशनल कांफ्रेंस के ब्लॉक अध्यक्ष को गोली मारकर घायल किया। वहीं एक आम नागरिक की भी हत्या की गई। शोपियां में भी एक महिला एसपीओ की हत्या की गई। उसके बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।