जानकारी के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान मंगलवार की शाम एसएचओ सुरनकोट अनिल कुमार शर्मा जवानों के साथ गश्त पर थे। इस दौरान एक निजी एंबुलेंस आती दिखी तो उसे रोक लिया। एंबुलेंस सवार लोगों ने जीएमसी जम्मू से बनाए गए हाकम दीन पुत्र साहब दीन का डेथ सर्टिफिकेट दिखाया।
पुलिस ने जांच की तो घायल हाकम दीन जीवित निकला। पुलिस एंबुलेंस सहित सभी को थाने ले आई। पूछताछ में एंबुलेंस सवार लोगों ने बताया कि हाकम दीन मंगलवार सुबह तक जीएमसी जम्मू में भर्ती था। जहां उसके साथ दो तीमारदार भी थे।
27 मार्च को मोहम्मद अशरफ पुत्र मोहम्मद यूसुफ निवासी सैलां पटियाला पंजाब से जीएमसी उनके पास आया और 30 मार्च को हाकमदीन को जीएमसी से डिस्चार्ज कराने के बाद सुबह तक वहीं रहे।
मंगलवार को वह मोहम्मद अशरफ के सहयोग से जम्मू से निजी एंबुलेंस में सवार होकर सुरनकोट तहसील के मुगलरोड पर स्थित गांव सैलां के लिए निकले थे। जम्मू से सुरनकोट के बीच सभी नाकों पर वह डेथ सर्टिफिकेट और हाकमदीन को शव के रूप में दिखा कर आगे निकलते रहे। परंतु घर के नजदीक पहुंच कर उनका झूठ पकड़ा गया।