जम्मू। लॉकडाउन के कारण जम्मू में फंसे विभिन्न जिलों के लोगों को घरों तक पहुंचाने के लिए टैक्सी चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जम्मू से डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह तक टैक्सी ले जाने के लिए लोगों से दस से बारह हजार रुपये तक किराया देना पड़ रहा है। पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग अपने गांव से पैसा मंगवा रहे हैं। वहीं ट्रैफिक विभाग और आरटीओ बेखबर है।
प्रदेश में विभिन्न जिलों में फंसे लोगों के लिए अंतर जिला यात्री पास सुविधा शुरू की गई है। इसके चलते यात्री जिला अधिकारी कार्यालय से पास बनाकर अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं। बसें नहीं चलने की वजह से लोग टैक्सी और टेंपो में सफर करने को मजबूर हैं। लोगों की इस मजबूरी का लाभ यह लोग उठा रहे हैं और मनमाना किराया वसूल रहे हैं। यात्री पास पर एक टैक्सी में पांच यात्रियों को सफर करने की इजाजत है। ऐसे में एक व्यक्ति को दो से तीन हजार रुपये किराया देना पड़ रहा है। हैैरानी की बात यह है कि ट्रैफिक विभाग और आरटीओ की तरफ से इस पर कहीं कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जम्मू से किश्तवाड़ जाने वाले लोगों ने कहा कि टैक्सी चालक से नौ हजार रुपये किराये की बात हुई है। एक टैक्सी में पांच लोगों को सफर करने की इजाजत है। लोगों का कहना है कि किराया अधिक है, लेकिन कोई विकल्प भी नहीं है। ट्रांसपोर्ट का कोई और साधन नहीं हैै। ऊपर से 50 दिनों से जम्मू में फंसे हैं। अब घर तो जाना ही है।
टैक्सी एसोसिएशन का कहना- ट्रैवल एजेंटों की मिलीभगत से हो रहा खेल
टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के प्रधान अंचल सिंह मन्हास ने कहा कि कुछ ट्रैवल एजेंट और टैक्सी चालकों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। टैक्सी ऑपरेटर यूनियन की कोई भी टैक्सी इसमें शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने इस संबंध में आरटीओ से बात की है, ताकि इन लोगों का पता लगाया जा सके, जो लोगों से अतिरिक्त किराया वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सामाजिक दूरी के साथ टैक्सी यूनियन को इजाजत देनी चाहिए।