जम्मू। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के दौरान प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के अलावा बाकी सारी दुकानें बंद रखने के आदेश दिए थे। इसके चलते शराब की दुकानें, बार और कैंटीन लगभग एक महीने से बंद हैं। ऐसे में जिन लोगों ने शराब की जमाखोरी कर रखी थी, उन्होंने इसे पांच से छह गुणा अधिक दाम पर बेचा। अब आलम यह है कि जमा की गई शराब भी लगभग खत्म हो चुकी है। ऐसे में शराब के शौकीन लोगों ने देसी शराब की तरफ रुख कर लिया है। देसी शराब निकालना कानूनन अवैध है। इसके बावजूद कई स्थानों पर लोग चोरी-छिपे देसी शराब निकाल रहे हैं और बेच भी रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कठुआ, सांबा, जम्मू आदि जिलों के दूर दराज के गांवों में चोरी-छिपे देसी शराब निकाली जा रही है। देसी शराब निकालने में सबसे अधिक इस्तेमाल गुड़ का होता है। ऐसे में गुड़ की बिक्री में भी इजाफा हुआ है। बिक्री को देखते हुए गुड़ बेचने वालों ने इसके दाम बढ़ा दिए हैं। गुड़ 20 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है। शराब बनाने में गुड़ के अलावा कुछ फलों का इस्तेमाल भी होता है। जिनके दामों में भी बढ़ोतरी हो गई है।
बिक्री पर नजर रखने के निर्देश
आबकारी विभाग के आयुक्त शवन कुमार की ओर से सभी क्षेत्रों के ईटीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखें। बता दें कि कुछ दिन पहले बिश्नाह के एक गांव से 20 लीटर देसी शराब बरामद की गई थी।
बहुत महंगी हुई शराब, थोड़ी थोड़ी पिया करो
बहुत महंगी हुई शराब के थोड़ी थोड़ी पिया करो। पंकज उदास का यह गाना वर्तमान समय में शराब पीने वाले कई लोगों पर सटीक बैठता है। मार्केट रेट पर बिकने वाली शराब पांच गुणा अधिक दाम पर बिक रही है। आरएस, एमसी, आरसी, आईबी जैसे ब्रांड 2,500 से 3 हजार रुपये प्रति बोतल में बिक रहे हैं। जबकि इनका रेट बाजार में 600 रुपये के आसपास है।