लॉकडाउन से पहले कायमगंज के ही रहने वाले विमल, श्रवण, नरेश, अजीत भी काम के सिलसिले में जम्मू आए थे। रात की ट्रेन से जम्मू से ट्रेन से दिल्ली पहुंच जाएंगे। इनसे पूछा गया कि दिल्ली से आगे का टिकट है तो नहीं में जवाब मिला। कहा कि पहले दिल्ली पहुंच जाएं, फिर सोचेंगे आगे क्या करना है। कैसे जाना है।
ऑटो वाले ने चार सौ रुपये प्रति व्यक्ति मांगे तो पैदल ही चल पड़े
विकास ने बताया कि वह जम्मू में दो साल से काम करता है। पत्नी और दो बच्चे साथ ही रहते हैं। इधर दो महीने से काम न मिलने से जमापूंजी खत्म हो गई। अब सिर्फ घर जाना है। वहीं जाकर कुछ नया काम शुरू करेंगे। स्टेशन जाने के लिए दोपहर एक ऑटो वाले को फोन किया तो उसने प्रति व्यक्ति चार सौ रुपये मांगे। अब इतने तो दे नहीं सकते थे, इसलिए पैदल ही जा रहे हैं। शाम तक पहुंच जाएंगे।
गर्मी में परेशान हुए बच्चे और महिलाएं
बच्चे और महिलाएं पैदल चलते-चलते तेज धूप में बिलख उठे। धूप से इनकी हालत खराब होने लगी और बच्चे रोने लगे। कुछ देर ठहरने के बाद सभी झोला उठाकर फिर चल दिए।