बालटाल हिंसा के बाद से श्रद्धालुओं को जमकर लूटा जा रहा है। श्रद्धालुओं को न तो पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं और न ही अन्य सुविधाओं की कोई व्यवस्था की जा रही है। घोड़े वालों से लेकर टेंट वाले यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा उन्हें लूटने में लगे हैं।
श्री अमरनाथ यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा के दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यात्रा से लौटे रायपुर बनतालाब निवासी सुनील राका ने बताया कि यात्रा भोले बाबा के भरोसे हो रही है।
...तो इसलिए हो रही अमरनाथ यात्रियों की मौत
जम्मू पहुंच कर सुनील राका ने बताया कि यात्रा के दौरान भवन के पास ही उनकी तबीयत खराब हो गई। सांस फूलने और धड़कन तेज होने पर उनके साथी उन्हें भवन स्थित चिकित्सा केंद्र ले गए।
वहां चिकित्सक ने उन्हें दवाई की एक गोली देकर बाबा के दर्शन करने की सलाह दी। जब उन्होंने वहां बेड पर लेटने की गुजारिश की और कहा कि उन्हें आक्सीजन दी जाए, लेकिन चिकित्सक ने न तो बेड पर लेटने दिया और न ही आक्सीजन लगाई।
चिकित्सक के रूखे व्यवहार से वह आहत हुए।
एक टेंट का रेट टू स्टार होटल के बराबर
पलौड़ा के भानुप्रताप ने कहा कि टेंट वाले भी एक बेड के लिए चार से पांच सौ रुपये वसूल कर रहे हैं। एक टेंट में आठ से दस बिस्तर लगाए गए हैं। इस तरह एक टेंट का रेट टू स्टार होटल के बराबर पड़ता है।
लेकिन वहां सुविधा के नाम पर न तो पानी मिलता है और न ही अन्य सामान। रायपुर बनतालाब निवासी रोहित शास्त्री के मुताबिक टेंटों में गरम पानी का एक मग दस रुपये में दिया जा रहा है।
शौचालयों की सफाई न के बराबर है। उन्होंने श्री अमर नाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों से अपील की है कि वह यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान दें और टेंटों में बिस्तर आदि के दामों के बारे में जांच करें।