एक तरफ शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या से लोग दहशत में हैं, तो वहीं शहर के वार्ड छह में सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा रविवार को नगर परिषद के खिलाफ फूट पड़ा। लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से वार्ड के नालों की सफाई नहीं की गई, जिस कारण उन्हें भारी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल लोगों ने बताया कि पिछले कई सालों से नालों की सफाई नहीं की गई है, जिस कारण से जगह-जगह से नाले ब्लॉक हो चुके हैं।
जब भी हल्की सी भी बारिश होती है, तो नालों का पानी बाहर गली में बहता है। इस कारण लोगों का घर से निकलना बेहाल हो गया है। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम तो नहीं है, लेकिन नाले ब्लॉक होने के कारण बदबू से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर नालों के मेनहोल भी टूट चुके हैं और नाले की गंदगी सामने दिखती है। उन्होंने कहा कि वार्ड छह में गंदगी का आलम किस प्रकार फैला हुआ है इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि वार्ड के मेन एंट्रेंस पर ही गंदगी का बड़ा ढेर देखने को मिलता है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कई बार नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों से इस ढेर को हटाने के लिए कहा गया लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। बस सफाई के नाम पर एक छोटा सा डस्टबिन वहां पर लगा दिया गया है जिसमें पूरे वार्ड की गंदगी डाल दी जाती है जो डस्टबिन भर जाने के बाद बाहर गिरती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर वार्ड में सफाई नहीं की गई तो यहां से भी डेंगू के मामले आए तो इसमें कोई अचंभा नहीं होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर वार्ड में सफाई ठीक नहीं किया गया तो वही उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।