हॉल खुले, लेकिन कोई विरोध नहीं
जहां कहीं भी सिनेमा हॉल खुले हैं वहां 2019 के पहले आतंकवाद, अलगाववाद व पत्थरबाजों का राज रहा है। लेकिन फिल्म हॉल खुलने के बाद भी न तो विरोध हुआ और न ही किसी प्रकार की धमकी मिली। आतंकवाद के दौर में कोई फिल्म हॉल खोलने का साहस तक नहीं दिखा पाता था। आम कश्मीरी अपने परिवार के साथ फिल्मों को लुत्फ ले रहा है। अब कश्मीर के लोग इस बात से खुश नजर आ रहे हैं कि उन्हें मनोरंजन के लिए फिल्म हॉल जैसा साधन उपलब्ध हो गया है।
अनुच्छेद 370 जाने से कश्मीर में आतंकवाद घटा है जिसके कारण वहां अच्छा वातावरण बना है और इसी के कारण वहां इतना विकास हो सका है। आतंकवाद के 30 सालों के बाद 2021 में जम्मू और कश्मीर में पहली बार सिनेमा हॉल खुला। 100 से अधिक फिल्मों की शूटिंग शुरू हो गई। लगभग 100 सिनेमा हॉल्स के लिए बैंक लोन के प्रस्ताव बैंकों में विचाराधीन हैं। - अमित शाह, गृह मंत्री-संसद में