तस्करों के 3687 निजी व व्यावसायिक वाहन सीज
तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए तीनों जिलों की पुलिस ने इस दौरान 3,687 व्यावसायिक और निजी वाहनों को जब्त किया है। रेस्क्यू किए गए मवेशियों को कठुआ के कीड़ियां गंडियाल और जम्मू के इंदिरा नगर व भगवती नगर स्थित गोशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया गया है। पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि ज्यादातर मामलों में अदालतों में चार्जशीट दायर हो चुकी है लेकिन आंकड़ों की यह भयावहता सिस्टम के सामने अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रामबन बना ट्रांजिट हब, सात साल में 32 हजार बेजुबान बचाए
मवेशी तस्करी बड़ी चुनौती है। रामबन जिले में 2019 से 2026 मार्च तक 32 हजार से अधिक मवेशी तस्करों से बचाए गए हैं। 2226 वाहन जब्त जबकि 2566 तस्कर गिरफ्तार किए हैं। इसी तरह डोडा जिले में 2964 मवेशी बचाए, 75 वाहन जब्त किए। 472 तस्कर गिफ्तार किए। किश्तवाड़ जिले में 1081 मवेशी बचाए गए। 46 वाहन जब्त और 229 तस्कर गिरफ्तार किए गए।
जम्मू पहुंचते-पहुंचते होती है सबसे बड़ी धरपकड़
इस पूरे कॉरिडोर में तस्करों पर सबसे बड़ा प्रहार जम्मू पहुंचते-पहुंचते होता है। कठुआ और सांबा के पुलिस से बच निकलने वाली सबसे ज्यादा खेप जम्मू जिले में ही पकड़ी जाती है। यही कारण है कि सबसे बड़ी रिकवरी भी यहीं दर्ज की गई है। जम्मू पुलिस ने 2,363 मामलों में 18,357 मवेशी मुक्त कराए हैं और सबसे अधिक 2,532 तस्करों को हथकड़ी पहनाई है। जिले में 2023 में सबसे ज्यादा 484 मवेशी तस्करों की गिरफ्तारी हुई है।