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Jammu News: आधी रात के बाद तक आधे शहर में बिजली बंद, पानी की सप्लाई भी रही बाधित

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दोपहर बाद से ही बढ़ गई थी बिजली की मांग, लोड बढ़ने से कई जगह तार-कंडक्टर फुंके
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सुबह से शुरू हुई बारिश रात तक रुक रुककर जारी रही, पारा सामान्य से 4.8 डिग्री कम, बढ़ी गलन
हाइलाइटर : 10 मिमी से अधिक बरसात
8 घंटे तक कई इलाकों में गुल रही बत्ती
जम्मू। बारिश-बर्फबारी से शुक्रवार को पारा तो गिरा ही, बिजली की डिमांड भी बढ़ गई और इससे दिन भर बिजली आती जाती रही। इससे पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रही। संकट का यह सिलसिला सुबह से शुरु हुआ और देर रात तक जारी रहा। बिजली-पानी संकट और ठंड के चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। हालांकि ये बारिश खेती-किसानी के लिए अच्छी बताई जा रही है।
ठंडी हवा, बदली के कारण धूप की गैर मौजूदगी और बारिश की फुहारों के बीच जम्मू का तापमान शुक्रवार को सामान्य से 4.8 डिग्री कम होकर 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सुबह से लेकर रात तक में 10 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बदले मौसम के कारण दोपहर में बिजली की डिमांड 500 मेगावाट तक बढ़ गई, जबकि आपूर्ति कम थी। बिजली नहीं होने के कारण लोगों के घरों में मोटर नहीं चलने से पानी संकट भी रहा। बिजली कटौती के चलते कारोबार पर भी असर रहा। लोड बढ़ने के कारण कई इलाकों से बिजली उपकरण, तारें और कंडक्टर भी फुंके हैं।
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हर दो घंटे पर कटौती, कहीं तो तीन-तीन घंटे तक गायब रही बिजली
हर घंटे-दो घंटे पर बिजली कटौती और आवाजाही से लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा गई है। अफसरों के मुताबिक तो तीन से चार घंटे के कट लगाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर दो घंटे पर बिजली जा रही है। हाल ये रहा कि एक मोहल्ले में बिजली आई तो दूसरे में गुल हो जा रही थी। यह क्रम देर शाम तक चलता जारी रहा। कट पांच से छह घंटे के अंतराल में लगे।

दोपहर बाद बिजली की डिमांड 500 मेगावाट बढ़कर 3200 हो गई
जम्मू-कश्मीर में बिजली की डिमांड दोपहर तक 3200 मेगावाट पार कर गई। जबकि आपूर्ति 2700 मेगावाट के करीब रही। जम्मू में सामान्य दिनों में बिजली की मांग 1600 मेगावाट के करीब रहती है।

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यहां सबसे ज्यादा कटौती का असर

बिजली गंग्याल, कुंजवानी, नरवाल, सुंजवा, बठिंडी, बाहु फोर्ट, पुराना शहर, बस स्टैंड, भगवती नगर सहित शहरभर में कट लगे हैं। गांधी नगर में भी रहा संकट।
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यहां पानी का संकट
बिजली कट होने के कारण कुछ इलाकों में पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ा। इसमें जानीपुर, गोरखा नगर, कासिम नगर, सतवारी, बेलीचराना, पुराना शहर, गांधीनगर के कुछ हिस्सों में ज्यादा परेशानी रही।

बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर ठंड में ठिठुरते रहे लोग
ठंड से बचने और बचाने के लिए नगर निगम के प्रबंध नाकाफी रहे हैं। नगर निगम शहरभर में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं करवा पाया। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेटाडोर स्टैंडों में लोग ठंड में ही गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों का इंतजार करते रहे। बाजारों में लोगों ने एकत्रित होकर अपने स्तर पर आग जलाई है।



बॉक्स
...पर फसलों के लिए बारिश संजीवनी

रुक-रुक कर हुई बारिश गेहूं सहित अन्य बीजी गई फसलों की पैदावार के लिए अच्छी है। इससे 20 से 25 फीसदी तक पैदावार में बढ़ोतरी होगी। कृषि निदेशक एएस रीन ने के अनुसार इस माह बारिश होना जरूरी था। इससे फसलों को संजीवनी मिलेगी और पैदावार में बढ़ोतरी होगी। एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य कुलभूषण खजुरिया ने कहा कि गेहूं, सब्जियों, दालों के लिए लाभदायक है।


कोट

लोड डिमांड से ज्यादा बढ़ गया। इस कारण कटौती हुई है। जहां पर उपकरण जले हैं। इन जगहों में समस्या हल करवाई गई है।

- अवनीत गुप्ता, एक्सइएन, बिजली कारपोरेशन

बिजली कटौती के कारण कुछ इलाकों में समस्या आई थी। बिजली आने के बाद आपूर्ति की गई है। लाइट न होने के कारण मोटरें बंद रहीं और आपूर्ति पर असर पड़ा।

- आशीष शर्मा, एक्सईएन, जल शक्ति विभाग


सभी की फोटो.....
घर के काम, बाजार में कारोबार हो रहा प्रभावित

सर्दियां शुरू होते ही जिस तरह से बिजली कटौती हो रही है,उसने दिनचर्या को प्रभावित किया है। घर में काम और बाजार में कारोबार दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर लोगों में नाराजगी भी है।
सारी दिनचर्या ही बिगड़ जाती है

सर्दियां बढ़ने के साथ ही बिजली की जरूरत भी बढ़ती है। दस काम होते हैं सुबह से। पर बिजली जाने से सारी दिनचर्या ही बिगड़ जाती है। हर घंटे पर आती-जाती बिजली खीझ पैदा करती है।
नताशा , मोतीनगर

ठंड में बिना हीटर नहीं होता गुजारा
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, सर्दियां बड़ा परेशान करती हैं। बिना रूम हीटर या गर्म पानी के गुजारा नहीं होता है। घंटों बिजली के गुल रहने से दिक्कत होती है।

नीरू कपूर, तवी विहार कॉलोनी,सिद्धड़ा

बीच-बीच में रुक जा रहा काम
सराफा बाजार में सिर्फ खरीद-फरोख्त ही नहीं होती है। यहां कारीगर कई सारे काम भी करते हैं, जेवर बनाने के लिए। सारे काम अब मशीन आधारित हो गए हैं। जिस तरह से बिजली आ जा रही है, उससे हर घंटे पर काम रुक जाता है। इससे कारोबार का काफी नुकसान हो रहा है।
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आशुतोष कपूर, सराफा कारोबारी, जैन बाजार

बारिश होने के कारण बार-बार कट लग रहे हैं। तीन से चार घंटे के बाद फिर कट लग जा रहा है। आज तो सारा दिन बादल छाए रहे, इससे हर वक्त लाइट जलाए रखने की जरूरत महसूस होती रही। कट लगने से संभव नहीं हो पा रहा था।

- राजन गुप्ता, दुकानदार, पुराना बस स्टैंड

बिजली की आंखमिचौली सुबह से चल रही है। इस कारण दुकानों में बैठने में परेशानी आ रही है। सर्दी में बिजली आपूर्ति निर्बाध होनी चाहिए।

- चंदन गुप्ता, अध्यक्ष, मोती बाजार, एसोसिएशन
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