उप-राज्यपाल ने कहा कि वह सिविल सोसाइटी के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और धार्मिक गुरुओं का आह्वान करते हैं कि जिस प्रकार निर्दोष लोगों पर दहशतगर्दों ने अत्याचार किए, उसके खिलाफ एक स्वर में आवाज बुलंद करें। कई मस्जिदों से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का आह्वान किय जा रहा है, जो सराहनीय कदम है।
कहा कि प्रदेश में डर का माहौल पैदा करने वालों से निपटने में टेक्नोलॉजी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाएगा। कहा कि आंकड़ों के अनुसार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जम्मू-कश्मीर पुलिस के 1600 जवानों ने बलिदान दिया है। इन बलिदानियों का पूरा राष्ट्र ऋणी है।