उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि नशा तस्करों और आतंकियों के बीच गहरा संबंध है। दोनों अपराध में सहयोगी हैं। इनके नेटवर्क को तोड़ा जा रहा है। तस्करी में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एलजी ने शनिवार को रियासी में नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान का आगाज किया। इस मौके पर उन्होंने कहा,नशे के खिलाफ चल रहे अभियान का असर दिखने लगा है। नशे पर समाज की चुप्पी टूट रही है। लोग इसके प्रति प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं।
सिन्हा ने बताया कि जम्मू संभाग में 11 से 22 अप्रैल के बीच कई मामले दर्ज किए गए हैं। कई नशा तस्करों को गिरफ्तार कर करीब तीन करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। लगभग एक करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां भी कुर्क की गईं। 187 ड्राइविंग लाइसेंस और चार वाहनों के पंजीकरण रद्द किए गए हैं। साथ ही, नशा तस्करों की संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है। 48 नशा तस्करों के खिलाफ वित्तीय जांच शुरू की गई है।
किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा
एलजी ने कहा,नशा तस्करी में शामिल लोगों को कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। तस्करों की पहचान हो चुकी है। वे निगरानी में हैं और जल्द पकड़ लिया जाएगा। एक भी तस्कर बख्शा नहीं जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास भी सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है।
1,947 महिला समितियों ने संभाला जिम्मा
एलजी ने बताया कि जम्मू संभाग के जिलों में 1,947 महिला समितियां बनाई गई हैं। ये नशे के खिलाफ जागरूकता और निगरानी में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों की भागीदारी से इस कैंसर जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।