अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि स्मार्ट सिटी के रूप में जम्मू शहर को नया शहर देने की कोशिश की जा रही है। बुनियादी ढांचों को मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि प्रगति की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके। जी20 में दूसरे देशों के नागरिकों ने श्रीनगर के पोलो ब्यू मार्केट और झेलम रिवर पर सेल्फी और वीडियो बनाए। लेकिन जम्मू का दुर्भाग्य है कि रघुनाथ बाजार के विकास के लिए पैसा है, प्रशासन कोशिश भी कर रहा है, लेकिन उसे लोग बनने नहीं दे रहे हैं। रेजीडेंसी रोड में प्रोजेक्ट मंजूर हुआ तो वहां के एक नागरिक ने न्यायालय से स्टे ले लिया है। अगर हम इस मानसिकता से बाहर नहीं आएंगे तो फिर मुझे नहीं लगता है कि वो गति प्राप्त कर सकते हैं।
नागरिक और व्यापारी जिम्मेदारी और कर्तव्य को समझें
उप राज्यपाल ने कहा कि विकसित जम्मू को देखने को लिए दुनिया भर के पर्यटक यहां आए तो उसके लिए हमें अपनी सोच में भी बदलाव लाना पड़ेगा। व्यापारियों से आग्रह किया कि कहीं बुनियादी ढांचे का निर्माण होता है तो थोड़े समय तकलीफ जरूर होती है, लेकिन भविष्य में अच्छे परिणाम होते हैं। ऐसे प्रजेक्टों के पूरा होने पर स्थानीय व्यापार के साथ जम्मू की खूबसूरती बढ़ेगी। पर्यटकों को यहां आकर कुछ नया मिलेगा, लेकिन इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। ऐसे मामलों में नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आला अधिकारियों के साथ मिल विकास को लेकर रघुनाथ बाजार के व्यापारियों को समझाने की कोशिश की थी।
इस साल आबकारी से 300 करोड़ राजस्व मिला
उन्होंने कहा कि 2020 में आबकारी से सिर्फ दस करोड़ राजस्व आया था। इस वित्त वर्ष यह आंकड़ा 300 करोड़ रुपये है। इस राशि को विकास पर ही खर्च किया जाता है। हमें इस मानसिकता से भी बाहर निकलने की जरूरत है। इस साल तवी रिवर फ्रंट सहित अन्य लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों के लिए 400 से अधिक सेवाओं को आनलाइन कर दिया गया है।