राहत एवं पुनर्वास विभाग को वापसी के इच्छुक सभी विस्थापित परिवारों के पंजीकरण के निर्देश। कश्मीरी विस्थापित कर्मियों के ट्रांजिट आवासों का निर्माण समय से पूरा करना होगा। गांदरबल में इस साल, शोपियां में मार्च व बांदीपोरा में नवंबर 2022 तक निर्माण पूरा करें।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर घाटी वापसी के इच्छुक तमाम कश्मीरी विस्थापित परिवारों के पंजीकरण के निर्देश दिए हैं। सिन्हा ने कहा कि अपने घरों को छोड़कर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत अन्य प्रदेशों और विदेशों में रह रहे कई परिवार अपनी मिट्टी को नमन करना चाहते हैं। वे घर वापसी करना चाहते हैं। सरकारी अमला ऐसे परिवारों का पंजीकरण सुनिश्चित करे। उन्होंने कश्मीरी विस्थापित कर्मियों के ट्रांजिट आवास का निर्माण नवंबर 2022 तक पूरा करने के भी निर्देश दिए।
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एलजी आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। एलजी ने कहा कि हजारों परिवार अपने घर से बाहर हैं। कई स्थायी रूप से बाहर बस गए हैं, लेकिन कई लोग अपने घर लौटना चाहते हैं। ऐसे लोगाें की घर वापसी सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार चाहती है कि मातृभूमि पर लौटने के इच्छुक कश्मीरी विस्थापितों का यह सपना साकार किया जाए। इसके लिए सरकार व्यापक स्तर पर पंजीकरण प्रक्रिया चलाएगी। लिहाजा मामले पर विभागीय अमले को संवेदनशीलता और सक्रियता से काम करना होगा।
कश्मीर घाटी में बनाए जा रहे 6 हजार ट्रांजिट आवास
कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाकों में कश्मीरी विस्थापित कर्मचारियों के लिए छह हजार ट्रांजिट आवास बनाए जा रहे हैं। बैठक में एलजी ने कहा कि इन आवासों का निर्माण समय से पूरा करने की प्रक्रिया के बीच कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुल छह हजार ट्रांजिट आवास में से कुलगाम में 208, बडगाम में 96, गांदरबल, शोपियां, बांदीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा में 1200 जबकि सात अन्य स्थानों पर 2744 आवास बनाए जाने हैं।