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बदलते दाैर में मानव केंद्रित एआई विकसित करने की जरूरत : सिन्हा

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मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल। लोक भवन - फोटो : Self
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उपराज्यपाल ने डॉ. सुरेश अवस्थी के पुण्य स्मृति दिवस पर व्याख्यानमाला को किया संबोधित
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कहा-तकनीक इंसानी जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि मददगार होनी चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि बदलते दाैर में मानव केंद्रित एआई विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का असली मकसद इंसानी नौकरियों को खत्म करना नहीं बल्कि इंसानी क्षमता को बढ़ाना होना चाहिए। विज्ञान को तरक्की का जरिया बनना चाहिए लेकिन उसकी दिशा हमेशा इंसानियत के हाथों में ही तय होनी चाहिए।
वाराणसी में डॉ. सुरेश अवस्थी स्मृति न्यास की ओर से 20वीं पुण्य स्मृति दिवस पर आयोजित व्याख्यानमाला में मनोज सिन्हा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरदर्शी दृष्टिकोण साझा किया है। एलजी ने डॉ. सुरेश अवस्थी को ज्ञान और विनम्रता की प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि एआई ने आज के वैश्विक जॉब मार्केट को पूरी तरह से बदल दिया है। यह तकनीक समकालीन आर्थिक माहौल को एक नया रूप दे रही है। इस बदलाव से डरने के बजाय इसे एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
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उपराज्यपाल ने कहा कि मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसे क्षण आते हैं जब एक नए युग की शुरुआत होती है। पहिये का आविष्कार, प्रिंटिंग प्रेस, भाप का इंजन, बिजली की खोज, कंप्यूटर और इंटरनेट का प्रसार इन सभी ने दुनिया को बदला है। एआई हमारे सामने नए अवसर ला रहा है तो हमारा कर्तव्य सिर्फ इसे अपनाना नहीं बल्कि इसे सही दिशा देना भी है।
वर्चुअल व्याख्यानमाला में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मभूषण राम बहादुर राय, जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय, डॉ. सुरेश अवस्थी स्मृति न्यास के सदस्य, प्रतिष्ठित शिक्षाविद, साहित्यकार और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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हमारे आगे बढ़ने का सबसे बेहतरीन रास्ता है एआई
एलजी ने कहा कि दैनिक जीवन के रूटीन और बार-बार किए जाने वाले उबाऊ कामों को एआई खुद संभाल सकता है। इससे इंसानों के पास अधिक समय बचेगा जिससे वे अपनी रचनात्मकता, नए इनोवेशन और अन्य मानवीय खूबियों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। यह हमारे आगे बढ़ने का सबसे बेहतरीन रास्ता है। यह इंसानी क्षमता की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उसे कई गुना बढ़ाने वाली एक बड़ी ताकत के रूप में काम करेगा।
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