श्रीनगर में बैठक के दौरान एलजी मनोज सिन्हा
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किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए कृषि क्षेत्र में बड़ा सुधार किया जाएगा, जिसका रोड मैप तैयार कर लिया गया है। उत्पादन, विविधिकरण, ऋण सुविधा को आसान बनाया जा रहा है। छोटे और सीमांत किसानों की बाजारों तक पहुंच होगी।
यह बातें उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कन्वेंशन सेंटर में आयोजित जम्मू-कश्मीर सलाहकार बोर्र्ड की बैठक में कहीं। इसमें प्रतिभागियों ने कृषि क्षेत्र के आकलन को साझा किया। बड़े कृषि परिवर्तन के लिए प्रदेश प्रशासन द्वारा शीर्ष समिति की सिफारिशों और प्रयासों की समीक्षा की।
उप राज्यपाल ने कहा कि समग्र कृषि पर शीर्ष समिति ने निर्वाह कृषि को स्थायी वाणिज्यिक कृषि-अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। नीतियों से किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। एकीकृत दृष्टिकोण छोटे और सीमांत किसानों के लिए बाजार पहुंच को सक्षम और मजबूत किया जाएगा।
हमारा लक्ष्य बैंकों द्वारा कृषि क्षेत्र, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए ऋण प्रवाह में सुधार करना है। उपराज्यपाल ने डॉ. मंगला राय के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने यूटी स्तर की उच्च स्तरीय समिति का नेतृत्व किया।
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों और कृषक समुदाय के समग्र विकास पर एक लक्ष्य दस्तावेज तैयार किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मंगला राय की विस्तृत रिपोर्ट में किसानों और खेती से जुड़े हर पहलू, मुद्दों और चिंताओं का समाधान किया गया है।
शीर्ष समिति की रिपोर्ट अपने आप में एक क्रांतिकारी नीति दस्तावेज है। सिफारिशें केंद्र शासित प्रदेश में एक महान कृषि परिवर्तन लाएगी। उपराज्यपाल ने आगे एकीकृत और विविध खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कृषि उत्पादन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बैठक को शीर्ष समिति की सिफारिशों के उद्देश्यों, रणनीतियों और परिणामों के प्रमुख पहलुओं पर जानकारी दी।