सैनिकों के बलिदान के बराबर कुछ नहीं है। यह बात उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 1971 युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने पर बलिदान स्तंभ जम्मू में करवाए स्वर्णिम वियज वर्ष कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने पाकिस्तान को चेताया कि वह अपनी हरकतों से बाज आए। जरूरत पड़ने पर भारत फिर से 1971 को दोहरा सकता है। पाकिस्तान भारत से कई बार मात खा चुका है। बावजूद इसके जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में अशांति फैला रहा है।
आतंकवाद के जरिए पाकिस्तान देश को कमजोर और अशांत कर रहा है। एक तरफ सीमा पर संघर्ष विराम है। लेकिन दूसरी तरफ आतंकवाद और नशा तस्करी जैसी हरकतों को अंजाम दे रहा है। पाकिस्तान ने एक अच्छे पड़ोसी का कभी उदाहरण नहीं दिया। एलजी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने बलिदान स्तंभ पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में मौजूद वीर नारियों, वीर सैनिकों और पूर्व सैन्य अफसरों से भी उन्होंने मुलाकात की। उत्तरी कमान के जीओसी वाईके जोशी, डीजीपी दिलबाग सिंह, राइजिंग कोर के जीओसी पीएन आनंथनारायण, व्हाइट नाइट कोर के जीओसी मनजिंदर सिंह, बीएसएफ आईजी डीके बोर, मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन बाना सिंह, लेफ्टिनेट कर्नल रिशमा सरीन ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
उपराज्यपाल ने सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों के साथ 1971 के युद्ध के वीर नारियों, पुरस्कार विजेताओं और पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत कर उनका अभिनंदन किया। साथ ही हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। एलजी ने कहा कि आज का हमारा हर योद्धा कल का एक सम्मानित वयोवृद्ध है।
उनकी भलाई सुनिश्चित करना और उनकी जरूरतों को पूरा करना हमारा कर्तव्य है। यह भी कहा कि भारत आज पाकिस्तान पर 1971 युद्ध की जीत का 50वां साल मना रहा है। वहीं, जम्मू कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से देशभक्ति का जज्बा पैदा करते कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पाकिस्तान की हर साजिश नाकाम कर रहे जवान
मनोज सिन्हा ने कहा कि पाकिस्तान की हर नापाक साजिश का हमारे सैनिक इसका मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। आतंकियों का सफाया करने के लिए कश्मीर में बड़े स्तर पर अभियान छेड़ा गया है। इससे आतंकवाद को मिटाया जाएगा। सीमा पार से लगातार आतंकियों की घुसपैठ कराई जा रही है, लेकिन इनकी घुसपैठ को हमारे जवान असफल कर रहे हैं।