उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भूमि कानूनों को जनहित के अनुरूप नहीं बनाया गया। यही वजह है कि प्रदेश में 40 से 45 फीसदी तक मुकदमे भूमि रिकॉर्ड से जुड़े हैं। सरकार भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन कर रही है।
एलजी ने कहा, शहरी आवास से जुड़ी परियोजनाओं की संबंधित एजेंसियां समीक्षा कर समय से अंजाम तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, टाउनशिप अब केवल आवास सुविधा नहीं बल्कि एक ही जगह पर कारोबार, कार्यालय, वाणिज्यिक एवं संस्थान भवन, होटल व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएं।
शहरी विकास एवं आवास विभाग को देखना होगा कि आम लोगाें की इस जरूरत को पूरा किया जा सके। आवास से जुड़ा आधारभूत ढांचा सांस्कृतिक मूल्यों को साथ रखकर शहरों को खूबसूरती के साथ विकसित करने में मदद करेगा।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को उत्तरी कश्मीर के बारामुला और बांदीपोरा जिले में पीएम पैकेज कर्मचारियों के लिए बनाए जा रहे ट्रांजिट आवास के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और समीक्षा की। एलजी ने काम की प्रगति की जानकारी ली और सभी कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया।
इस दौरान संबंधित उपायुक्तों ने बिजली, जलापूर्ति और विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों की प्रगति के बारे में सिन्हा को जानकारी दी। इस दौरे के दौरान मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता, संभागीय आयुक्त कश्मीर पांडुरंग के पोल, एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार, आयुक्त/सचिव राजस्व विभाग विजय कुमार बिधूड़ी, बारामुला की उपायुक्त डॉ. सेहरिश असगर, बांदीपोरा के उपायुक्त डॉ. ओवैस अहमद और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।