उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि सभ्य समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। भटके युवा हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल हों। समाज व देश निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने बापू के भजन को राजनीतिक रंग देने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे किसी एक धर्म के नहीं थे। जो लोग उनके प्रिय भजन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें यह समझने की जरूरत है कि उनके आदर्श पूरी मानवता के लिए थे।
उप राज्यपाल ने कहा कि बापू के आदर्शों का पालन करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था प्रदेश में लागू की गई है। दूरदराज के इलाके अब विकास की राह देख रहे हैं। शिक्षा एक अन्य महत्वपूर्ण पक्ष है जिस पर पूरे समर्पण के साथ काम किया जा रहा है।
वोकेशनल ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के साथ स्कूलों को आधुनिक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। किसानों, युवाओं और महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने महीने भर तक चले गांधी जयंती कार्यक्रमों के विजेता विद्यार्थियों तथा शिक्षण संस्थानों को सम्मानित किया। इसके साथ ही नैक ग्रेडिंग पुरस्कार कॉलेजों और स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार दिया। उन्होंने प्रो. गौतम देशीराजू की पुस्तक भारत: इंडिया 2.0 का विमोचन किया।