उपराज्पाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर खाद्य प्रसंस्करण और कल्याण कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। उपराज्यपाल ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन ने निवेश के अवसरों का पता लगाने और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों के उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं और हितधारकों को एक साथ लाया गया है।
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उपराज्यपाल ने कहा कि सेब, अखरोट, बादाम और केसर के उत्पादन में जम्मू-कश्मीर पहले स्थान पर है। प्रदेश को भारत का फलों का टोकरी भी कहा जाता है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपार संभावनाएं फल उत्पादकों के भाग्य को बदलने और आर्थिक विकास के प्रमुख चालकों में से एक बनने में सक्षम होंगी।
जम्मू-कश्मीर में उद्योगों के लिए लालफीताशाही का स्थान लालकालीन ने ले लिया है। हम खाद्य प्रसंस्करण, सब्जियां, बेकरी उत्पादन, न्यूट्रास्यूटिकल्स के विभिन्न क्षेत्रों में अवसर प्रदान कर रहे हैं। जीआई प्रमाणन निवेशकों को वैश्विक ब्रांड और खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के अंतर्राष्ट्रीय मानक बनाने में मदद करेगा।
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इसके साथ ही अपोलो अस्पताल के साथ भूमि विलेख का आदान-प्रदान किया गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक अपोलो के लिए केंद्र शासित प्रदेश में औपचारिक रूप से जमीनी काम शुरू करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया गया है। यह स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बढ़ावा देगा और रोजगार, स्व-रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को बढ़ाएगा।