उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि उनका प्रशासन एक समावेशी और न्यायसंगत समाज सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है ताकि सभी को राष्ट्रीय विकास का लाभ मिल सके। बुधवार को राजभवन में पाडरी जनजाति के 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उपराज्यपाल से मुलाकात के लिए पहुंचे।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि उनका प्रशासन एक समावेशी और न्यायसंगत समाज सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है ताकि सभी को राष्ट्रीय विकास का लाभ मिल सके। बुधवार को राजभवन में पाडरी जनजाति के 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उपराज्यपाल से मुलाकात के लिए पहुंचे।
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इस दौरान एलजी सिन्हा ने कहा, "हमारा प्रयास एक समावेशी और न्यायसंगत समाज बनाना, हाशिए पर मौजूद लोगों को सशक्त बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि वे राष्ट्रीय विकास का लाभ उठा सकें।"
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा नेता और पूर्व मंत्री सुनील शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पाडरी जनजाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
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प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि ऐतिहासिक निर्णय ने समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है और यह जनजाति के लिए जम्मू-कश्मीर और देश के विकास में योगदान करने के लिए एक सक्षम वातावरण तैयार करेगा।
भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में चार और समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल किया है। इसमें गद्दा ब्राह्मण, कोली, पाडरी और पहाड़ी जातीय समूह शामिल है। इससे पहले 12 फरवरी को पहाड़ी समुदाय और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में उपराज्यपाल से मुलाकात की और उनके समुदायों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।