जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंरिक इलाकों और सीमा पर आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत करते हुए कहा कि प्रदेश में बाहरी ताकतों के लगातार प्रयासों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है। आतंकवाद से निपटने के लिए सरकार की स्पष्ट नीति है कि किसी भी आतंकवादी को बख्शना नहीं है और किसी निर्दोष को छूना नहीं है। वह सोमवार को नगरोटा में सेना की 16वीं कोर की स्वर्ण जयंती के संबंध में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
एलजी ने कार्यक्रम में सेना के जवानों को संबोधित करते हुए कहा, आतंकियों और उनके मददगारों को छोड़ा नहीं जाएगा। लिहाजा आतंरिक और सीमा दोनों पर कड़ा प्रहार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सीमा पर (घुसपैठ करने वाले) आतंकवादियों से निपटने के अलावा जवानों को भीतरी इलाकों में उन्हें कुचलने के लिए तैयार रहना होगा।
आतंकी पड़ोसी देश के इशारे पर समाज में तबाही मचाने के लिए तैयार खड़े हैं। इनसे निपटने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल के साथ हमारी क्षमता और सतर्कता बढ़ानी होगी। सरकार के लिए जो व्यक्ति किसी आतंकवादी को बंदूक सौंपता है, वह उतना ही आतंकवादी है जितना कि बंदूकधारी आतंकी। दोनों के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। दोनों को समान सजा दी जानी चाहिए क्योंकि दोनों मानवता के दुश्मन हैं।
सरकार प्रदेश से आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एजेंसियों से आतंकियों के इस इको-सिस्टम को पूरी तरह से तबाह करने पर जोर दिया। कहा, हमारा संकल्प पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र पर हमला सुनिश्चित करने का होना चाहिए।
अशांति फैलाने के लिए सोशल मीडिया का हो रहा दुरुपयोग
एलजी ने प्रदेश में अशांति फैलाने की सीमापार की साजिशों का जिक्र करते हुए कहा कि सीमा पार से सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है और ड्रोन भेजे जा रहे हैं। हम लोगों की सुरक्षा, राष्ट्र की एकता और अखंडता और सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर अपने गौरव को फिर से हासिल करेगा और प्रगति के शिखर पर पहुंचेगा।