लद्दाख में संसदीय चुनाव को प्रभावित करने के लिए भाजपा के सदस्यों द्वारा रिश्वत की पेशकश किए जाने के आरोपों की जांच के लिए पार्टी की आंतरिक जांच करने वाले चार सदस्यीय आयोग ने अपनी जांच पूरी कर ली है। आयोग जल्द ही अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंपेगा।
भाजपा के सूत्रों ने बताया कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जी डी शर्मा की अध्यक्षता वाले आयोग के सदस्य लेह से लौट आए हैं। आयोग के अन्य सदस्यों में पूर्व आईपीएस अधिकारी एस एसबिजराल, डॉ पल्लव शर्मा और वकील ताशी ग्यालसन भी हैं।
प्रेस क्लब लेह ने चार मई को आरोप लगाया था कि भाजपा ने उसके सदस्यों को धन वाले लिफाफे की पेशकश कर रिश्वत देने का प्रयास किया। पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि आरोप राजनीति से प्रेरित हैं । सूत्रों ने बताया कि आयोग ने पत्रकारों, प्रेस क्लब लेह से जुड़े लोगों, स्थानीय नेताओं के बयान रिकार्ड किए और सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण किया।
रिश्वत पेशकश मामले में भाजपा नेता और एमएलसी विक्रम रंधावा के खिलाफ लेह में पुलिस ने नौ मई को प्राथमिकी दर्ज की थी। हालांकि, विक्रम रंधावा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि लिफाफे रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन के कार्यक्रम कवरेज से संबंधित थे।
हालांकि, कुछ पत्रकारों ने लिफाफा खोलने के बाद उसे यह कहते हुए लौटा दिया था कि उन्हें विशेष आमंत्रण नहीं चाहिए। उस दौरान प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने आरोपों की जांच का समर्थन करते हुए सवाल किया था कि आखिर सीसीटीवी फुटेज में पैसे क्यों नहीं दिखे। फुटेज में पैसे भी दिखाने चाहिए थे। उनके पास तो कैमरे भी होते हैं।