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Ladakh: लद्दाख को दिया जाए राज्य का दर्जा, लेह कारगिल डेमोक्रेटिक एलाइंस ने निकाली रैली

Sun, 15 Jan 2023 08:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

लेह अपेक्स बॉडी एंड लेह कारगिल डेमोक्रेटिक एलाइंस ने रविवार को जम्मू शहर के इंदिरा चौक से लेकर प्रदर्शनी मैदान तक रैली निकाल कर लद्दाख को राज्य का दर्जा देने सहित पीएससी को लागू करने की मांग की है।
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Ladakh People Protest in Jammu - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लद्दाख को राज्य का दर्जा देने सहित पीएससी को लागू किया जाए। यह मांग लेह अपेक्स बॉडी एंड लेह कारगिल डेमोक्रेटिक एलाइंस ने रविवार को जम्मू शहर के इंदिरा चौक से लेकर प्रदर्शनी मैदान तक रैली निकाल कर उठाई है। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनी मैदान के बाहर प्रदर्शन कर रोष जताया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 2019 के बाद से उनके साथ अन्याय किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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प्रदर्शन में शामिल मंजूर अहमद ने बताया कि वह लद्दाख में पहले भी तीन बार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन उनकी आवाज केंद्र सरकार तक नहीं पहुंची है। इस कारण मजबूरन जम्मू में आकर प्रदर्शन करना पड़ा रहा है। युवा चशती ने कहा कि लद्दाख एलजी शासन लोगों की सुनवाई नहीं कर रहा है। युवाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) नियुक्तियां कर रहा है, जिससे युवा नाराज हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गैर राजपत्रित पदों के लिए जेकेएसएसबी और राजपत्रित पदों के लिए जेकेपीएससी भर्ती एजेंसी रखी गई है। लेकिन लद्दाख में एसएससी को नियुक्तियां करने का दायित्व क्यों दिया गया है। अभी तक वहां जमीनी स्तर पर कोई भी विकास नहीं हो पाया है। युवती उतशु ने बताया कि बाहर के लोगों को अब सरकार लद्दाख में नौकरी देने की तैयारी कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसएससी से परीक्षा करवाई जा रही हैं। जबकि, एसएससी एक राष्ट्रीय एजेंसी है। यह युवाओं के साथ अन्याय है।
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बनाया जाए लद्दाख पब्लिक सर्विस कमीशन

प्रदर्शन में शामिल हसन ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर सरकार नियुक्तियां करती थी। उस समय उन्हें कोई परेशानी नहीं थी। लेकिन लद्दाख के प्रदेश बनते ही युवाओं का भविष्य अंधकारमय है। स्पष्ट किया कि लद्दाख की भौगोलिक स्थिति अन्य राज्यों से अलग है। सरकार बाहर से लोगों को उठाकर लद्दाख में नौकरी दे रही है। लद्दाख पब्लिक सर्विस कमीशन बनाया जाए, जो एसएससी के स्थान नियुक्तियां करेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक दोबारा लद्दाख को राज्य का दर्जा नहीं दिया जाएगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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