प्रश्नकाल खत्म होते ही खड़े हुए सभी विधायक
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राज्य विधानसभा में मंगलवार को सभी विधायक एक ही स्वर में आवाज बुलंद करते नज़र आए। उन्होंने सरकार से एक विधायक की क्या भूमिका है और उसके क्या अधिकार हैं, उस पर स्पष्ट रुख रखने को कहा।
जैसे ही सदन में प्रश्नकाल संपन्न हुआ सभी विधायक खड़े हो गए। उन्होंने डिप्टी स्पीकर से एक विधायक की भूमिका और उनके अधिकारों की व्याख्या कर उन्हें परिभाषित करने को कहा।
विधायकों को शांत न होते देख डिप्टी स्पीकर नजीर गुरेजी ने हस्तक्षेप किया और कहा कि जब कोई अच्छा काम होता है तो कहा जाता है कि सरकार ने किया है, लेकिन जब कोई काम नहीं होता या बात बिगड़ जाती है तो सारा दोष एमएलए के सिर मढ़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह विधायकों को उचित सम्मान दे, क्योंकि वह यहां लोगों की नुमाइंदगी करते हैं।
इस बीच भाजपा विधायक आरएस पठानिया ने कहा कि जमीनी स्तर पर विधायकों के जरिए विकास योजनाओं को अमली जामा पहनाने के लिए संवैधानिक व्यवस्था होनी चाहिए। विधायकों के अधिकार और शक्तियां परिभाषित हों। नेकां विधायक अली मोहम्मद सागर ने कहा कि परियोजनाओं को तैयार करने से लेकर उन्हें लागू करने में विधायकों की भूमिका परिभाषित हो।