बुधवार को जम्मू का मुख्यमंत्री हो और पश्चिमी पाकिस्तानी विस्थापितों के स्थायी निवास (स्टेट सब्जेक्ट) की मांग के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे जम्मू प्रदेश यूनाइटेड फ्रंट के कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां बरसीं। पुलिस लाठीचार्ज में दो कार्यकर्ता जख्मी हो गए।
प्रदर्शनकारी बलवंत सिंह मनकोटिया, उदय चंद समेत 12 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। इससे पहले जम्मू पुराने शहर पंजतीर्थी से राज्यपाल भवन तक प्रदर्शन करते हुए जा रहे जम्मू प्रदेश यूनाइटेड फ्रंट के प्रतिनिधियों, सदस्यों और पदाधिकारियों को पुलिस द्वारा रोक लिया गया और उन पर लाठीचार्ज कर दिया गया।
फ्रंट के प्रदर्शन में शामिल कन्वीनर पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने बताया कि सरकार को चौबीस घंटे पहले फ्रंट की ओर से सूचित किया गया था कि बुधवार को वह जम्मू के मुख्यमंत्री की मांग और अन्य कई मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे, लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
वहीं हम लोगों को अपनी मांग तो सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए जा रहे फ्रंट के सदस्यों को पुलिस द्वारा रोका गया और लाठीचार्ज कि या गया, जिसमें दो लोग रोहित बंदराल और आदित्य हंस घायल हुए हैं, जबकि करीब दर्जन भर लोगों को जेल में ले जाया गया और दो तीन घंटे बाद जमानत पर छोड़ा गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बलवंत सिंह मनकोटिया, उदयचंद, कृष्ण मन्हास, राजीव महाजन, पंडित राजेश केसरी, राजेश पडगोत्रा, गगन प्रताप सिंह, कैलाश मोहन बनोत्रा, आदित्य हंस शामिल रहे, जिन्हें जेल में दो तीन घंटे तक पुलिस हिरासत में रखा गया और जमानत के बाद छोड़ा गया।
मनकोटिया ने बताया कि जम्मू के इतिहास में जम्मू संभाग के हित में कई संगठनों ने मिलकर एक फ्रंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग यही है कि जम्मू का मुख्यमंत्री बनना चाहिए और इसके लिए वह संघर्ष जारी रखेंगे। इसके अलावा पश्चिमी पाकिस्तानी विस्थापितों को स्टेट सब्जेक्ट का मसला हल करवाया जाए, ताकि उनके अधिकार उन्हें मिल सकें।