जम्मू एयरपोर्ट के विस्तारीकरण में बाधा आ रही सैन्य क्षेत्र की जमीन को क्लियर करने के संबंध में राज्यपाल एनएन वोहरा ने केंद्रीय रक्षा मंत्री को पत्र लिखा तत्काल हस्तक्षेप करने को कहा है। उक्त जमीन राज्य सरकार और एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को स्थानांतरित की जानी है।
राजभवन के प्रवक्ता के अनुसार सेना की ओर से सतवारी में उनके कब्जे वाली 136 कनाल 8 मरला जमीन राज्य सरकार को स्थानांतरित की जानी है, ताकि सरकार इसे एयरपोर्ट अथारिटी को दे सके।
जमीन स्थानांतरण में देरी होने के कारण जम्मू एयरपोर्ट का 6700 फुट वाला रन-वे बढ़ाकर 8000 फुट करने की योजना लंबे समय से अधर में लटकी है। सेना को इस जमीन के बदले में राज्य सरकार ने पहले ही सेना को सुजुआं के पास 138 कनाल 12 मरला जमीन दे दी है।
बार-बार लिखने के बावजूद सेना ने अभी तक सिर्फ 20 कनाल जमीन ही सरकार या एयरपोर्ट अथारिटी को सौंपी है। राज्यपाल ने रक्षा मंत्री को लिखे पत्र में कहा कि जमीन स्थानांतरण में देरी से रन-वे का विस्तारीकरण कार्य रुका है।
इससे दुर्घटनाओं को रोकने में समस्या पैदा होगी। अत: इस जमीन को तत्काल सरकार को सौंपी जाए। उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट अथारिटी ने पहले ही जम्मू एयरपोर्ट का रन वे बढ़ाने की योजना को हरी झंडी दे दी है, ताकि यहां बड़े विमानों को भी लैंडिंग हो सके।