जम्मू के सुंजवां सेना कैंप पर हुए फिदायीन हमले में शहीद भारतीय सेना के जवानों की आखिरी विदाई में उमड़ी भीड़ से एक बार फिर से दहशतगर्द सख्ते में आ गए हैं। जैसे ही इन शहीद जवानों जवानों का पर्थिव शरीर जब उनके गांव पहुंचा तो उनकी आखिरी विदाई में उमड़े हुजूम को देख आतंकियों को हुक्मरान भी सख्ते में आगए।
शहीद जवान अशरफ मीर के पैतृक निवास कुपवाड़ा पहुंचा तो बर्फबारी के बावजूद हजारों लोग शहीद जवान को श्रंद्धाजलि देने पहुंचे। कुछ ऐसा ही मंजर पुलवामा के त्राल में भी दिखा जहां पर शहीद जवान मो. इकबाल के पार्थिव शरीर जब उनके घर पहुंचा तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।
इस दौरान घाटी के युवाओं ने मिसाल पेश करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। शहीद जवानों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ आखिरी विदाई दी गई। इस दौरान सेना के कई अधिकारी मौजूद रहे।
हर शख्स की आंख से छलका आंसू
शहीद जवान अशरफ मीर और मो. इकबाल की आखिरी विदाई में मौजूद हर शख्स के गमगीन आंखों से दर्द भरे आंसू छलक रहे थे। हर किसी की जुबां पर बस एक ही सवाल था कि आखिर कब तक पाकिस्तान की नापाक हरकत की वजह से भारत के जवान शहीद होते रहेंगे।
हर किसी के चेहरे पर पाक के लिए गुस्सा और अशरफ के खोने की बेबसी साफ तौर पर देखी जा सकती थी। वहां मौजूद युवाओं ने पाक मुर्दाबाद के नारे लगाए और पाकिस्तान को इस नापाक हरकत के लिए सबक सिखाने की मांग की।