जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते वक्त शनिवार को शहीद हुए सीआईएसएफ के एएसआई को उनके गृह जनपद झुंझुनू, राजस्थान में पंचतत्व में विलीन किया गया। वह जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले के वगूरा ग्रिड स्टेशन पर तैनात थे। जहां शुक्रवार देर रात आतंकियों ने हमला कर दिया। इस दौरान एएसआई राजेंद्र प्रसाद ने अपने साथी के साथ मिलकर आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। मुठभेड़ में उनके गले पर गोली लग जाने से वह घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्होंने अंतिम सांस लीं।
रविवार को उनका पार्थिव शरीर राजकीय सम्मान के साथ झुंझुनू जिले के लादूसर पंचायत के चैनपुरा गांव पहुंचा। राजेंद्र प्रसाद मीणा के चार बच्चे हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है, वहीं एक बेटा भी देश की सेवा में एसएसबी में तैनात है और दूसरा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है।
पत्नी की थी करवाचौथ का व्रत, तभी आई पति के शहीद होने की खबर
राजेंद्र प्रसाद जिस पोस्ट पर तैनात थे वहां आतंकियों ने पहले ग्रेनेड से हमला किया मगर उस हमले में वह बच गए। बाद में आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी जिसमे वह घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उधर घर पर पत्नी ने शुक्रवार रात से ही व्रत की तैयारी पूरी कर ली थी। सुबह वह व्रत भी थी कि तभी खबर आई कि उनके पति आतंकियों से लोहा लेते वक्त शहीद हो गए हैं। इस खबर के बाद से ही पूरे घर में कोहराम सा मच गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।