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अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन मात्र से दूर होते हैं सारे कष्ट

Wed, 17 Aug 2016 11:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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बाबा बर्फानी - फोटो : Amar Ujala
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बम-बम भोले के जयघोष के साथ मंगलवार को आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से अब तक का सबसे छोटा तीस श्रद्धालुओं का जत्था पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना हुआ। इसमें बीस पुरुष, चार महिलाएं और छह पुरुष साधु शामिल रहे।
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यह जत्था पहलगाम रूट के लिए रवाना हुआ। कश्मीर हिंसा से यात्रा पर गहरा प्रभाव रहा। इससे आधार शिविर जम्मू से 44892 श्रद्धालु ही यात्रा के लिए रवाना हुए। कश्मीर में खराब हालात से यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट आई। गत 31 जुलाई तक 42713 श्रद्धालु आधार शिविर जम्मू से रवाना हुए थे, जिसके बाद सोलह दिन की यात्रा में आधार शिविर से 2179 यात्री ही पवित्र गुफा के दर्शन को जा सके।

आखिरी जत्थे में पहुंचे शिव भक्तों में उत्साह और जोश की कोई कमी नहीं थी। पश्चिम बंगाल के सुब्रतो ने बताया कि वह पहली बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जा रहे हैं। कश्मीर में खराब हालात के बारे में सुना है, लेकिन शिव भक्तों को उनके प्रभु तक पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता है। दियोली नगरपालिका टांक राजस्थान से पार्षद बनने के बाद पहुंचे किशन साहू ने बताया कि वह 18वीं बार बाबा के दर्शन के लिए जा रहे हैं।
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राष्ट्र विरोधी ताकतें कितनी भी कोशिशें कर लें, लेकिन वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकती हैं। दियोली निवासी पंकज शर्मा ने कहा कि इस बार छड़ी मुबारक के साथ पवित्र गुफा के दर्शन करने की लालसा है।

राजस्थान निवासी राकेश ओसवाल ने कहा कि पवित्र गुफा के मात्र दर्शन करके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। गत सोमवार को बूढ़ा अमरनाथ के लिए आधार शिविर से 168 श्रद्धालु रवाना हुए थे। इसमें 140 पुरुष, 22 महिलाएं और 6 बच्चे शामिल थे।  
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आज पंचतरणी रवाना होगी छड़ी मुबारक

बाबा बर्फानी के भक्त - फोटो : Amar Ujala
दशनामी अखाड़ा के महंत दिपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधु-संतों के साथ छड़ी मुबारक अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रही है। पहलगाम के मंदिरों से होते हुए रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को त्रयोदशी के अवसर पर छड़ी मुबारक सुबह सात बजे चंदनबाड़ी से प्रस्थान करेगी और रात्रि विश्राम शेषनाग में होगा।

17 अगस्त को छड़ी मुबारक सुबह सात बजे शेषनाग में पूजा-अर्चना करने के बाद पंचतरणी के लिए रवाना होगी और वहीं रात्रि विश्राम होगा। रक्षाबंधन की सुबह छड़ी मुबारक पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना करेगी। महंत के अनुसार छड़ी मुबारक में विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना करके शांति की कामना की गई है। 

मचैल माता की छड़ी यात्रा आज
मचैल माता (किश्तवाड़) के दरबार के लिए बुधवार सुबह पुराने शहर पक्का डंगा स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर से छड़ी मुबारक रवाना होगी। इसमें संभाग भर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। छड़ी मुबारक में अखंड ज्योत को मां के दरबार तक ले जाया जाएगा।

छड़ी मुबारक मंदिर से शुरू होकर चौक चबूतरा, जैन बाजार, लिंक रोड, पुरानी मंडी, रघुनाथ मंदिर, हरि मार्केट से होती हुई इंदिरा चौक पर संपन्न होगी। इस बीच मंगलवार को मंदिर परिसर में थाली पूजन का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर आस्था जताई। 
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