कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने केंद्र की ओर से की गई एकतरफा सीजफायर की घोषणा को ठुकराते हुए कहा कि रमजान के महीने में भी हम घाटी में सुरक्षाबलों को निशाना बनाते रहेंगे।
लश्कर प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लश्कर चीफ महमूद शाह ने दृढ़ता से इस बात पर जोर देते हुए कहा है कि सीजफायर कोई विकल्प नहीं है। इस तरह के समझौते पर कोई विचार नहीं किया जा सकता है।
हम इसे पाप के साथ-साथ कश्मीर की आजादी में दिए गए बलिदानों के अपमान के रूप में मानते हैं। हम शहीदों के उत्तराधिकारी हैं। इस तरह की पसंद का चयन करना शहीदों के खून के साथ विश्वासघात है। शाह ने कहा कि हम वार्ता के पक्ष में हैं लेकिन क्षेत्र में सुरक्षाबलों की उपस्थिति में वार्ता एक झूठ है।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में रमजान के महीने में सुरक्षाबलों को सीजफायर का पालन करने का गृह मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं। दिल्ली के ओर से लिए गए इस अहम फैसले का मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और विपक्षी नेता उमर अब्दुल्ला ने किया स्वागत है।
रमजान के महीने के दौरान घाटी में सुरक्षाबलों द्वारा आतंकियों के खात्मे के लिए कोई भी ऑपरेशन नहीं चलाया जाएगा। इसकी जानकारी बुधवार को गृह मंत्रालय के आधिकारिक ट्वीटर एकाउंट से दी गई जिसमें सुरक्षाबलों से रमजान के महीने में कोई भी ऑपरेशन चलाने से मना किया गया है।