इस ऑपरेशन को श्रीनगर पुलिस, जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ की वैली क्विक एक्शन टीम (क्यूएटी) के जवानों ने अंजाम दिया। रिहायशी इलाका होने के चलते ऑपरेशन को बेहद संजीदगी से अंजाम देना पड़ा ताकि आसपास के मकानों को नुकसान न पहुंचे और कोई जानी नुकसान न हो।
जम्मू कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के आईजीपी वीके विर्दी ने कहा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ को एक विशिष्ट इनपुट मिला था। उस पर काम करने के बाद श्रीनगर के खानयार इलाके के खान मोहल्ला को घेरे में लेते हुए कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान सर्च पार्टी पर मकान में छुपे आतंकवादियों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद ऑपरेशन शुरू हुआ, जो सुबह तड़के से देर शाम तक जारी रहा और सफलतापूर्वक मुकम्मल हो गया है।
आतंकवादी की शिनाख्त को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, इस ऑपरेशन में एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया है। उसकी शिनाख्त लश्कर-ए-ताईबा के कमांडर उस्मान लश्कर उर्फ छोटा वलीद के तौर पर हुई है। इसमें सुरक्षाबलों के चार जवान घायल हुए हैं जिसमें दो जम्मू कश्मीर पुलिस के और दो सीआरपीएफ के हैं। यह एक पाकिस्तानी आतंकवादी है और पिछले साल इंस्पेक्टर मसरूर की हत्या में इसकी संलिप्तता पाई गई है और बाकी की तफ्तीश जारी है।
बता दें, जम्मू कश्मीर पुलिस के इंस्पेक्टर मसरूर वानी पिछले वर्ष 29 अक्तूबर को क्रिकेट खेलते समय लश्कर आतंकवादी की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए थे। सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक के बेटे वानी ईदगाह मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। आतंकवादी ने उनकी आंख, पेट और गर्दन में करीब से तीन गोलियां चलाईं। वानी को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, उन्हें बाद में एयरलिफ्ट करके दिल्ली के एम्स ले जाया गया और उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था लेकिन करीब एक महीने से अधिक समय तक जिंदगी की लड़ाई लड़ने के बाद उन्होंने 7 दिसंबर को दम तोड़ दिया।
वहीं अनंतनाग जिले के लारनू इलाके की हकलान गली में हुई मुठभेड़ को लेकर आईजीपी ने कहा, अनंतनाग के लारनू में भी एक सूचना के आधार पर जम्मू कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। उस दौरान हथियारबंद आतंकवादियों की मूवमेंट देखने के बाद एक ऑपरेशन शुरू हुआ जो मुठभेड़ में तब्दील हुआ। इसमें दो आतंकवादियों को मार गिराया गया। वो ऑपरेशन आखिरी चरण पर है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ऐसे इनपुट आते रहते हैं और इन इनपुट को डेवलप करने के बाद सुरक्षाबल इन पर कार्रवाई करते हैं। लिहाज़ा यह सुरक्षाबलों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल और महत्वपूर्ण उपलब्धि भी रही है।
श्रीनगर में करीब 3 साल बाद मुठभेड़ हुई
श्रीनगर। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में शनिवार को करीब 3 साल के अंतराल के बाद मुठभेड़ हुई। उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि 2 साल और 6 महीने के अंतराल के बाद श्रीनगर शहर में गोलीबारी हुई है। श्रीनगर शहर में आखिरी मुठभेड़ 10 अप्रैल, 2022 को हुई थी जब श्रीनगर के विशंबर नगर इलाके में मुहम्मद भाई उर्फ अबू कासिम और अबू अरसलान उर्फ खालिद उर्फ आदिल के रूप में पहचाने गए दो आतंकवादी मारे गए थे।
बिशंबर नगर मुठभेड़ से पहले जनवरी 2022 के पहले सप्ताह में राजधानी शहर में गोलीबारी हुई थी, जब हाजिन बांदीपोरा के मुहम्मद सलीम पर्रे और पाकिस्तानी आतंकवादी हाफिज सहित दो आतंकवादी श्रीनगर के बाहरी इलाके शालीमार में मारे गए थे। अप्रैल 2022 में हुई आखिरी मुठभेड़ के बाद से आतंकवादी श्रीनगर शहर के विभिन्न हिस्सों में हमले करने में कामयाब रहे लेकिन कोई बड़ी मुठभेड़ नहीं हुई। 22 जनवरी 2023 को आतंकवादियों ने श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक ग्रेनेड फेंका जिसमें संगम श्रीनगर के एक नागरिक एजाज रशीद देवा घायल हो गए। 18 सितंबर, 2023 को आतंकवादियों ने श्रीनगर के खानयार इलाके में एक भाजपा नेता को ले जा रहे सीआरपीएफ वाहन पर गोलीबारी की हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। 29 अक्तूबर 2023 को आतंकवादियों ने क्रिकेट खेलते समय ईदगाह श्रीनगर में इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी पर गोलीबारी की। उसी वर्ष दिसंबर के पहले सप्ताह में अधिकारी ने दम तोड़ दिया। 7 फरवरी, 2024 को आतंकवादियों ने श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में पंजाब के दो गैर-स्थानीय लोगों अमृतपाल सिंह और रोहित माशी की गोली मारकर हत्या कर दी।