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J&K Terrorist Attack: आतंकी हमले पर फारूक अब्दुल्ला की चिंता, 'बडगाम हमला सरकार को अस्थिर करने की साजिश'

Sat, 02 Nov 2024 12:13 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बडगाम में मजदूरों पर हुए आतंकी हमले की निंदा की, जांच की मांग की और आशंका व्यक्त की कि यह हमला सरकार को अस्थिर करने की साजिश हो सकती है।
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फारूक अब्दुल्ला - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बडगाम में मजदूरों पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले चिंता का विषय हैं और सवाल उठाया कि कैसे वर्तमान सरकार के तहत ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं।
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अब्दुल्ला ने बडगाम में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, इसकी जांच होनी चाहिए। कैसे यहां सरकार बन गई है और ये हो रहा है। मुझे तो शक है कि यह वे लोग तो नहीं कर रहे हैं जो इस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं? ये पहले क्यों नहीं हो रहा था? यह सब एक संकट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा और शांति को चुनौती देती हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि मजदूरों पर हुए हमले से स्थानीय लोगों के बीच डर और चिंता बढ़ गई है।

फारूक अब्दुल्ला ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह सुरक्षा बलों के साथ मिलकर ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे जो आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को लोगों के विश्वास को पुनः प्राप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इस घटना ने राज्य में सुरक्षा स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और राजनीतिक नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। अब्दुल्ला की टिप्पणियां उस समय आई हैं जब जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
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फारूक अब्दुल्ला ने पंचायत चुनावों को लेकर कहा है कि चुनाव की तैयारिया की जा रही हैं और इसे समय पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "पंचायत चुनावों के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह चुनाव आयोजित किया जाएगा।

अब्दुल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने की आवश्यकता है। केंद्र शासित प्रदेश के दर्जे को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं।  अब समय आ गया है, इसे समाप्त किया जाना चाहिए। स्टेटहुड एक वादा है जो संसद और सर्वोच्च न्यायालय के सामने भी किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य का दर्जा बहाल करना केवल राजनीतिक आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह लोगों के अधिकारों और उनकी पहचान की रक्षा के लिए भी आवश्यक है। अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि जम्मू और कश्मीर की जनता को उनके अधिकार और सम्मान लौटाना चाहिए।

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